ऐसे व्यक्ति से उसकी किस्मत रूठ जाती है

  • ऐसे व्यक्ति से उसकी किस्मत रूठ जाती है
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Thursday, February 13, 2014-7:22 AM

भगवान शिव गीता में गुरु ज्ञान को महत्वपूर्ण बताते हुए मां पार्वती से कहते हैं कि मानव जीवन में जब विकट स्थिति आ जाए तो हर सगा-संबंधी साथ छोड़ेगा, परमात्मा भी दूर है, वह दिखाई नहीं देगा मगर मेरा प्रतिनिधि गुरु कभी अपने शिष्य का साथ नहीं छोड़ेगा इसलिए गुरु के प्रति अतिशय प्रेम बनाए रखिए। दुनिया के सारे रिश्ते एक सद्गुरु में देखना। सारे संसार के प्रेम को एक सद्गुरु में देखना क्योंकि गुरु आत्मस्वरूप है, सब धर्मों का है।
 
उसे अपने सामने महसूस करो जो हमारे हर संकट में साथ है, जो हमें आशीर्वाद देता है और जो गुरुआें का भी परम गुरु है, जो पिताआें का भी परमपिता है, जो माताआें की भी परममाता है, सांसारिक माता-पिता को तो एक न एक दिन इन्सान को छोड़कर, सब बंधन तोड़कर चले जाना है लेकिन जो हर देश में, हर वेश में, हर काल में, हर हाल में साथ देता है उसके साथ हमारा नाता जोडऩे वाला परम का स्वरूप सद्गुरु होता है।

विश्वविख्यात गुरु भक्त रबिया बसरी ने भी गुरु महत्व के विषय में यही गाया-‘हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर’ अर्थात किसी व्यक्ति से यदि हरि रूठ जाएं तो पूरा संसार उसके विपरीत गति करने लगता है, उससे उसकी किस्मत रूठ जाती है। उसी समय यदि उस अभागे को सद्गुरु की दीक्षा की प्राप्ति हो जाए तथा सद्गुरु उस पर अपनी कृपा बनाए रखें तो पुन: हरि को मनाने का मार्ग मिल जाता है अर्थात सद्गुरु का सहारा उसे तार देता है।


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