धन, सुख-संपदा एवं राज्य भोग के लिए बुधवार को करें गणेश आराधना

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Wednesday, February 19, 2014-7:24 AM

एह्येहि हेरंब महेशपुत्र समस्त विघ्नौद्या विनाशदक्ष
मांगल्य पूजा प्रथम प्रधान गृहाण पूजां भगवन नमस्ते।।


हे महेश पुत्र समस्त विघ्नों के विनाश करने वाले देवाधिदेव मांगल्य कार्यों में प्रधान प्रथम पूज्य गजानन, गौरी पुत्र आपको नमस्कार है।

सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश जी को प्रथम पूज्य देव का स्थान प्राप्त है। प्रत्येक मांगलिक कार्य का शुभ आरंभ  भगवान श्री गणेश जी का मंगलाचरण  करने के उपरांत किया जाता है। गणेश की कृपा के बगैर कोई कार्य नहीं हो सकता। गणेश का शाब्दिक अर्थ है गणों के स्वामी। जिनके विभिन्न नाम एवं स्वरूप हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में गणेश जी को अपने आप में संपूर्ण वास्तु कहा गया है।

शास्त्रों के मतानुसार श्री गणेश जी की स्थापना एवं पूजा-पाठ विधि-विधान से किया जाए तो नव ग्रहों का दोष समाप्त हो जाता है। मान्यता है कि समस्त ग्रह-नक्षत्रों और राशियों को गणेश जी का ही अंश माना जाता है। सच्चे मन, कर्म और वचन से जो श्री गणेश जी की आराधना एवं अनुष्‍ठान करता है, उस पर गणेश जी की विशेष अनुकंपा होती है। श्री गणेश के सौम्य रूप मूर्ति पूजन करने से समस्त प्रकार के रोग और शोक दूर हो जाते हैं।

चूहे पर सवारी करने वाले गणेश बहुत ही नर्म दिल और दयावान देव हैं। सफेद गणपति जी के श्री रूप की पूजा करने से जीवन में भौतिक सुख एवं समृद्धि का प्रवाह होता है। सर्व मंगल की कामना करने वालों के लिए सिन्दूरी रंग के गणपति की आराधना अनुकूल रहती है। घर अथवा दुकान पर गणपति जी के श्री रूप या चित्र को लगाते समय ध्यान रहे की घर में बैठे हुए गणेश जी तथा दुकान  पर खड़े गणेश जी का चित्र लगाना चाहिए। श्री रूप या चित्र का मुंह दक्षिण दिशा या नैऋत्य कोण में नहीं होना चाहिए। उनके रूप में मोदक या लड्डू और चूहा अवश्य होना चाहिए। श्री गणेश की विधि विधान से आराधना करने से घर के वास्तु दोष को दूर करके सुखी, संपन्न जीवन पाया जा सकता है।

श्री गणेश जी को यक्ष, दानव, किन्नर जो भी पूजते हैं। वह सुख-संपदा, राज्य भोग पाते हैं। गणेश जी के भक्त समस्त सिद्धियों के ज्ञाता एवं पराक्रमी होते हैं। श्री गणेश जी के स्त्रोत का जो जातक  नित्य जाप करता है वह वांछित फल पाता है।

किसी भी कार्य में विध्न पड़ रहा हो तो बुधवार के दिन गणेश मंत्र का स्मरण करें-
त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।
नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्


धन की चाह रखने वाले जातक बुधवार के रोज श्री गणेश जी को घी और गुड़ का प्रशाद अर्पित करें तत्पश्चात घी और गुड़ गाय को खिला दें। ऐसा करने से धन संबंधी सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है।




 


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