धन और यश की कामनासिद्धि करते हैं भैरव बाबा

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Saturday, March 01, 2014-7:37 AM

भैरव का अर्थ है भय का भक्षक और जग का रक्षक। भैरव कृपा हो जाए तो सभी आसुरी शक्तियों को भैरव बाबा मार भगाते हैं इसलिए ये साक्षात रक्षक है। भूत बाधा हो या ग्रह बाधा,शत्रु भय हो रोग बाधा सभी को दूर कर भैरव कृपा प्रदान करते हैं। काल भैरव भगवान शिव का अत्यन्त ही प्रबल और प्रचंड स्वरूप है। हिंदूओं के देवताओं में भैरव जी का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इन्हें काशी का कोतवाल भी कहा जाता है। समस्त प्रकार के पूजन, हवन, प्रयोग में रक्षार्थ हेतु इनका पूजन किया जाता है।

भैरव जी के आठ रूप हैं-

1.असितांग भैरव
2.चंड भैरव
3.रूरू भैरव
4.क्रोध भैरव
5.उन्मत्त भैरव
6.कपाल भैरव
7.भीषण भैरव
8.संहार भैरव

भैरव जी धन और यश की कामना को पूरा करते हैं। कामनासिद्धि के लिए करें निम्न उपाय -


 - शनिवार और रविवार के दिन श्री भैरव मंदिर में जाकर भैरव जी को सिंदूर व चमाली का तेल चढ़ाएं।

- शनिवार और रविवार को श्री भैरव मंदिर में जाकर भैरव जी को कपूर की आरती व काजल का दान करने से सभी कष्टों का नाश होता है।

- किसी भी प्रकार की समस्या से निजात पाने के लिए उरद की दाल से निर्मित एक सो आठ बारे बना कर उनकी माला बनाएं और श्री भैरवनाथ जी को चढ़ाएं।
- ग्रह क्लेश से निजात पाने के लिए सरसों का तेल, खोए की मिठाई, काले वस्त्र, एक जलदार नारियल, कपूर, नींबू श्री भैरव मंदिर में जाकर भैरव जी को चढ़ाएं।

- ऊपरी बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए एक लोटा लेकर भैरवाष्टक का पाठ कर जल को फुक कर पीड़ित व्यक्ति को पिला दें।

- भैरव जी की आरती तेल का दीपक जला कर करनी चाहिए।


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