ज्वालामुखी मंदिर में मची चैत्र नवरात्रों की धूम

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Tuesday, April 01, 2014-11:39 AM

विश्व विख्यात श्री ज्वालामुखी मंदिर कांगड़ा घाटी के दक्षिण में 30 किमी की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर में अग्नि की अलग अलग 6 लपटें हैं जो अलग अलग दैविय शक्ति को समर्पित हैं जैसे महाकाली, चंडी, हिंगलाज, विंध्य बासनी , महालक्ष्मी सरस्वती, अम्बिका और अंजी देवी। चैत्र नवरात्रे के अवसर पर मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना की जाती है । ज्वालामुखी मंदिर में सती माता कि जिव्हा गिरी थी इसलिए यहां ज्योति रूप में मां के दर्शन होते हैं।

मंदिर के पुजारी का निवास स्थान तथा देवी के स्नान के लिए दो कुण्ड बासर पट्टी के तिसरियाडा गांव में स्थित हैं। जो की स्वयं देवी के प्रताप और भुजंगी की खुदाई द्वारा तराशे गए पत्थरों द्वारा निर्मित हैं। ये दोनों कुण्ड प्राचीन कला का एक नमूना हैं। भगवती ज्वालामुखी की अराधना मुख्यतः बासर पट्टी तथा बूढ़ाकेदार पट्टी के सात गांव करते हैं।

साल में दो बार आने वाले नवरात्रों में यहां देवी भागवत तथा चंडी पाठ मेले का आयोजन होता है। जिसमें माता के हज़ारों भक्त गण माथा टेकते हैं तथा मनवांछित फल की प्राप्ति करते हैं। इन नवरात्रों में मंदिर प्रशासन कि तरफ से सभी पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। पहले नवरात्रे में ज्वालामुखी मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला कि पवित्र ज्योति के दर्शन किए।

श्री ज्वालामुखी मंदिर में चैत्र नवरात्रों पर घंडा पूजन, मां ज्वाला का पूजन और कन्या पूजन के साथ उपमंडल अधिकारी विनय कुमार ने शुभारंभ किया । उन्होंने कहा कि इन चैत्र नवरात्रों में मंदिर प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी प्रबंध कर दिए गए हैं और इसके साथ तीनों समय लंगर का आयोजन भी किया गया है।

नवरात्रों के विशेष अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रशासन की तरफ से मैडिकल कैंप व् श्रद्धालुओं को मुफ्त में दवाइयां वितरित की जाएंगी। श्रद्लुओं द्वारा लाए गए वाहनों की पार्किंग कि सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मंदिर कि सफाई व्यवस्था के लिए 50 कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। नवरात्रों में दुर्गा माता के नौ रूपों का पूजन किया जाता है। कल शैल पुत्री मां के नाम से पूजा की गई।

पुजारी दिव्यशुभूषण ने कहा कि इन चैत्र नवरात्रों में मंदिर प्रशासन व् मंदिर ट्रस्ट कि तरफ से श्रद्धालुओं कि सुविधा के सभी प्रबंध कर दिए गए हैं जिससे किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े। चैत्र नवरात्रों की शुभ कामनाएं समुचे विश्व को दी हैं और नव वर्ष कि भी शुभकामनाए दी हैं। इन नवरात्रों में सुरक्षा व्यवस्था व् सफाई के इंतजाम कर दिए गए हैं और माता के लंगर का प्रशाद नवरात्रों में तीनों पहर दिया जाएगा जो बिल्कुल शुद्ध होगा । 


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