नवरात्र स्पैश्ल: चिंताओं से मुक्ति एवं असंभव कार्य पूर्ण करें

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Thursday, April 03, 2014-1:27 PM

 हिमांचल प्रदेश में धौलाधार पर्वत की गोद में श्री छिन्नमस्तिका धाम के नाम से विश्व विख्यात मंदिर माता चिंतपूर्णी के नाम से भी जाना जाता है। चिंतपूर्णी धाम हिमाचल के ऊना जिले में  स्थित है। चिंतपूर्णी मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जो सोला सिग्ही पहाडी़यों की श्रेणी में आता है। यह ज्वालादेवी से करीब अड़तीस किमी दूरी पर है। बस स्टैंड पर पहुंचने के उपरांत मंदिर जाने के लिए एक सीधी पक्की सड़क बनी है। चिंतपूर्णी माता का धाम 108 शक्ति पीठों में से एक है।

मान्यता है की इस स्थान पर सती माता के चरण गिरे थे। पिंडी रूप में मां के दर्शन होते हैं। मंदिर एक बरगद के वृक्ष के नीचे बना हुआ है। मंदिर के चारों तरफ सोने का आवरण लगा हुआ है। दर्शनों को प्राप्त कर मनुष्य सभी सुखों का भागी बनता है और उसके जीवन में आने वाली सभी चिंताओं का अंत होता है। नवरात्रि के पावन समय में तो यहां का नज़ारा देखते ही बनता है। मान्यता है कि मां चिंतपूर्णी के दर्शन करने वाले भक्तों की न केवल चिंताएं समाप्त होती हैं बल्कि भक्तों के असंभव कार्य भी पलक झपकते ही पूर्ण हो जाते हैं।

हिन्दू नव वर्ष और नवरात्री का प्रारम्भ हो चुका है। श्रद्धालुओं की श्रद्धा व आस्था के केंद्र उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में चैत्र नवरात्रों पर लगने वाला मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। चैत्र नवरात्रों के अवसर पर श्रद्धालु मां चिंतपूर्णी के दरबार में नतमस्तक हो मां के जयकारो का गुणगान करते रहे।

नवरात्रों के उपलक्ष्य में मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का खूब जमघट लगा हुआ है। हमारे धर्म पुराणों में चैत्र नवरात्रों का अत्यधिक महत्व माना जाता है इसलिए भारी तादाद में श्रद्धालु मां चिंतपूर्णी के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं।  देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी तादाद को देखते हुए शक्ति पीठ में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।  

चिंतपूर्णी में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी संख्या को मद्देनज़र रखते हुए प्रशासन ने चिंतपूर्णी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। मेले में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दी गई है। नवरात्र मेले के लिए पुलिस तथा होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। आसामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन द्वारा मंदिर और उसके इर्द-गिर्द CCTV कैमरे भी लगा दिए गए हैं। वहीं जगह-जगह मैटल डिटेक्टर भी लगाए गए हैं।

साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने मंदिर परिसर में नारियल लेकर जाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं, सुविधा के लिए मां के पवित्र पिंडी स्वरुप के दर्शनों के लिए पर्ची सिस्टम द्वारा दर्शनों की व्यवस्था की गई है, मंदिर के समय को बढ़ा दिया गया है, जिससे श्रद्धालु आसानी से मां के दर्शन कर सकें।

माता चिंतपूर्णी के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती है। चिंतपूर्णी मे लगने वाले मेले मे हर वर्ष लाखो की संख्या मे श्रद्धालु यहां आते हैं और माता चिंतपूर्णी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है माता चिंतपूर्णी सब की चिंताएं हरती है और अपने भक्तों की मन्नतें पूरी करती हैं।


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