चेन्नई में विराजित है देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूप, दर्शनों से मिलता धन वैभव का सुख

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Sunday, October 30, 2016-9:25 AM

चेन्नई के आडयार समुद्र तट पर माता अष्टलक्ष्मी का सुंदर मंदिर स्थित है। यह मंदिर माता लक्ष्मी के आठ स्वरूपों को समर्पित है। यहां अष्टलक्ष्मी के दर्शनों से भक्तों को धन, विद्या, वैभव, शक्ति और सुख की प्राप्ति होती है।  

 

मंदिर में देवी लक्ष्मी की आठ प्रतिमाएं अलग-अलग तल पर स्थापित हैं। यहां आदि लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, धैर्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, विद्या लक्ष्मी, विजया लक्ष्मी, संतना लक्ष्मी और धन लक्ष्मी के दर्शन होते हैं। सभी मंदिर घड़ी की सुईयों की भांति आगे बढ़ते हुए दिखाई देते हैं। सबसे अंतिम में नवम मंदिर है। यह मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का है।

 

मंदिर का निर्माण 1974 में आरंभ किया गया था। इस मंदिर का निर्माण निवास वरदचेरियार की अगुवाई में बनी समिति ने करवाया था। 5 अप्रैल 1976 से इस मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना शुरु हुई थी। मंदिर का डिजाइन ओम के आकार का है। यह मंदिर 65 फुट लंबा अौर 45 फीट चौड़ा है। 

 

देवी लक्ष्मी के दर्शनों के लिए आने वाले भक्त माता को कमल का फूल अर्पित करते हैं। मंदिर में विराजमान माता लक्ष्मी के आठ स्वरूपों के लिए भक्त अलग-अलग कमल के पुष्प लेकर आते हैं। मंदिर का निर्माण तीन मंजिलों में हुआ हैं। मंदिर के चारों अोर विशाल आंगन हैं। मंदिर परिसर में पूजा साम्रगी की दुकानें भी हैं। 

 

यहां मंदिर सुबह 6.30 बजे खुलता है अौर दोपहर 12 बजे बंद हो जाता है। इसके पश्चात शाम 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक मंदिर खुला रहता है। शुक्रवार से लेकर रविवार तक मंदिर दोपहर 1 बजे तक खुला रहता है। 

 

कैसे पहुंचे
अष्टलक्ष्मी मंदिर चेन्नई के बेसेंट नगर में स्थित है। चेन्नई सेंट्रल या शहर के प्रत्येक कोने से बेसेंट नगर के लिए बसें सरलता से उपलब्ध हो जाती हैं। मंदिर बस स्टाप से भी आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 


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