समझें ग्रहों की चाल, करें उन्हें वश में और बन जाएं Star

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Thursday, November 03, 2016-1:23 PM

घर में तुलसी के पौधे फलते-फूलते नहीं हैं या घर में लगे पौधे फल या फूल नहीं दे रहें हैं और पति-पत्नी के मध्य बिना बात के कलह होती है तो छठा भाव दूषित है इसके लिए आप गमलों में सफेद चावल और कपूर रख कर उसके ऊपर मिट्टी छिड़क दें तो आप भी प्रसन्न और पौधे भी फलने फूलने लगेंगे तथा परिवार में सद्‍भावना का वातावरण बन जाएगा। 


परिवार में किसी अति गंभीर रोग का आगमन होना कुंडली के आठवें भाव के खराब होने का सूचक है इसके लिए आप पुराने गुड़ का प्रयोग आरंभ कर दें तो रोग नियंत्रित होने लगेगा। 


जब से आपने नया मकान या भवन लिया है या बनवाया है तब से भाग्य साथ नहीं दे रहा है तो समझो कि नवम भाव में दोष आ गया है इसकी शांति के लिए आप पीले रंग को पर्दों में प्रयोग करें। सारे घर में हल्दी के छीटें, अपने गुरु को पीले वस्त्र दान करें तथा घर के बुजुर्गों को समान प्रदान करें इससे भाग्य संबंधी बाधा दूर होती जाएगी।


व्यवसाय में गिरावट, पारिवारिक सदस्यों में गुस्सा बढ़ना या चिड़चिड़ा स्वभाव बन जाना, रोजगार छूट जाना एवं आर्थिक तंगी हो जाए तो समझो कि दशम भाव दूषित हो गया है, इस दोष को दूर करने के लिए आप तेल का दान करें, पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाएं, काले उड़द की दाल का दान करें।  


पुत्री के विवाह  में कठिनाइयां आ रही हैं या रिश्तेदारों से मनमुटाव, आमदनी में गिरावट, नौकरी का बार-बार छूटना, उन्नति न होना, घर की बरकत समाप्त होना अथवा दामाद से कलह यह सब एकादश भाव के दूषित होने का परिणाम होता है। इसे दूर करने के लिए आप तांबे का पैसा दान करें तथा एक लोहे का सिक्का श्मशान में फैंकें। पुत्री से छाया दान करवाएं तो शीघ्र विवाह का योग बन जाएगा।


पहले आप जहां रहते थे वहां के पड़ोसी अच्छे हों अब पड़ोसी झगड़ा करते हैं मिलनसार नहीं हैं, ऐसे दोष बारहवें भाव के खराब होने से होते हैं मित्र धन लेकर मुकर जाए या धन डूब रहा हो तो अपना बारहवें भाव का दोष से मुक्त करें। इस दोष की शांति के लिए आप गंगा स्नान करें और वहां से कोई धार्मिक ग्रंथ खरीद कर घर लाएं। उसे समानपूर्वक घर में रखें। 
                                    

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