चंपा षष्ठी कल: पूजन-व्रत व उपाय से महादेव को करें प्रसन्न, ग्रह पीड़ा का होगा अंत

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Thursday, November 23, 2017-1:57 PM

कल शुक्रवार दी॰ 24.11.17 को मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी के उपलक्ष में चंपा षष्ठी व बैंगन छठ पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व महादेव के मार्तंडाय-मल्लहारी स्वरूप को समर्पित है। पौराणिक किवंदीती के अनुसार महादेव ने मणि-मल्ह दैत्य भाइयों से छह दिनों तक खंडोबा नामक स्थान पर युद्ध करके चंपा षष्ठी पर दोनों दानवों का वध किया था। इसी स्थान पर महादेव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। मणि-मल्ह के वध हेतु महादेव ने भैरव रूप व देवी पार्वती ने शक्ति रूप लिया था। इसी कारण महाराष्ट्र में रुद्रावतार भैरव को मार्तंड-मल्लहारी व खंडोबा कहा जाता है। स्कंदपुराण के अनुसार षष्ठी तिथि, मंगल ग्रह व दक्षिण दिशा कार्तिकेय को समर्पित है। भविष्य पुराण के अनुसार चंपा षष्ठी पर कार्तिकेय ने परिवार से नाराज होकर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में डेरा जमाया था व इसी दिन यह देवसेना के सेनापति बने थे। महाराष्ट्र में इस दिन शिवलिंग मणि-मल्ह के स्वरूप में बैंगन व बाज़रा चढ़ाकर बाजरे की रोटी व बैंगन के भर्ते का प्रसाद वितरण किया जाता है। चंपा षष्ठी के विशेष पूजन व्रत व उपाय से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। व्यक्ति की शत्रुओं से रक्षा होती है व ग्रह पीड़ा से मुक्ति मिलती है। 


पूजन विधि: प्रातः काल शिवालय जाकर शिवलिंग का विधिवत पूजन करें। इत्र मिले गौघृत का दीप करें, तगर से धूप करें, गुलाबी फूल चढ़ाएं, अबीर चढ़ाएं, देसी खांड का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र से 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग को जलप्रवाह कर दें।


पूजन मुहूर्त: दिन 12:25 से दिन 13:45 तक। 


पूजन मंत्र: ॐ मार्तंडाय मल्लहारी नमो नमः॥ 


उपाय
ग्रह पीड़ा से मुक्ति हेतु शिवालय में षडमुखी तिल के तेल के 9 दीप जलाएं। 


मान-सम्मान की प्राप्ति हेतु शिवालय में कार्तिकेय पर नीला वस्त्र चढ़ाएं।


शत्रुओं से रक्षा के लिए शिवलिंग पर बैंगन व बाजरा चढ़ाकर गरीबों में बांटे।


आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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