चाणक्य नीति: व्यक्ति को मालूम होने चाहिए इन बातों के जवाब, सफलता चूमेगी कदम

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Friday, March 17, 2017-12:35 PM

आचार्य चाणक्य भारतीय इतिहास के महान नामों में से एक है। आज भी पूरा विश्व उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करता है। आचार्य चाणक्य एक महान दार्शनिक, पुजारी और मौर्य साम्राज्य के राजनितिक मार्गदर्शक थे। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सीख जिसे विश्व चाणक्य नीति के नाम से भी जनता है। उस पर बताई बातों पर अमल करने से खुशहाल जीवन यापन किया जा सकता है। चाणक्य के अनुसार कार्यों में सफलता पाने के लिए व्यक्ति को 6 बातों के जवाब मालूम होने चाहिए। 


क: काल: कानि मित्राणि को देश: कौ व्ययागमौ।
कस्याऽडं का च मे शक्तिरिति चिन्त्यं मुहुर्मुंहु:।।

 

चाणक्य के अनुसार वहीं व्यक्ति समझदार अौर सफल होता है, जिसे इस बात का ज्ञान होता है कि वर्तमान समय कैसा है। वह इसी के आधार पर कार्य करता है। व्यक्ति को सुख में अच्छे कार्य व दुख में धैर्य रखना चाहिए। 
 

हमारे मित्र कौन हैं अौर मित्रों के वेश में शत्रु कौन हैं हमें इस बात का भी ज्ञान होना चाहिए। हम अपने शत्रुअों के बारे में जानते हैं अौर उनसे बचकर कार्य करते हैं। लेकिन मित्रों के वेश में छुपे शत्रुअों को पहचानना बहुत कठिन होता है। जो बाद में व्यक्ति के नुक्सान पहुंचा सकते हैं। 
 

जहां हम कार्य करते हैं, वह स्थान, शहर अौर वहां के हालात कैसे हैं इस बारे में हमें पता होना चाहिए। इसके अतिरिक्त कार्य स्थल पर काम करने वाले लोग कैसे हैं, इन बातों की भी जानकारी होनी चाहिए। इन बातों को ध्यान में रखने से असफल होने की संभावना कम हो जाती है। 
 

चाणक्य के अनुसार समझदार लोग अपनी आय अौर व्यय की सही जानकारी रखते हैं। जो लोग अपनी आय से अधिक व्यय करते हैं उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धन संबंधी सुख पाने के लिए व्यक्ति को कभी भी आय से अधिक व्यय नहीं करना चाहिए।
 

इसके अतिरिक्त व्यक्ति को इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि जिस संस्थान में काम करते हैं वहां का बॉस उनसे क्या चाहता है। व्यक्ति को वैसे ही कार्य करना चाहिए जिससे संस्थान को लाभ मिल सके। संस्थान को लाभ होने से व्यक्ति को भी फायदा मिलने की संभावने बढ़ जाती है। 
 

हमें इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि हम क्या-क्या कर सकते हैं। व्यक्ति को वहीं कार्य हाथ लेने चाहिए जिन्हें पूरा करने की उनमें योग्यता हो। शक्ति से अधिक काम हाथ लेने से व्यक्ति को असफलता मिल सकती है। 


 


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