असुर संक्रांति कल: सूर्य वृश्चिक से धनु में करेंगे प्रवेश, जानें क्या होगा आप पर असर

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Friday, December 15, 2017-11:12 AM

कल शनिवार दि॰ 16.12.17 को पौष कृष्ण चतुर्दशी तिथि पर सूर्यदेव के धनु राशि में आगमन पर धनु संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्यदेव एक माह में राशि परिवर्तन करते हैं। सूर्यदेव जब किसी राशि में प्रवेश करते हैं तो उस काल को संक्रांति कहते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष माह में जब सूर्य राशि परिवर्तन करते हैं तो उस संक्रांति को धनु संक्रांति कहते हैं। इस संक्रांति में सूर्य वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश करते हैं। भारतीय पंचांग के अनुसार सूर्यदेव वृश्चिक से धनु राशि में शनिवार दी॰ 16.12.17 को प्रातः 03:14 पर प्रवेश करेंगे। धनु संक्रांति का पुण्यकाल मुहूर्त प्रातः 07:11 से दिन 12:16 तक रहेगा। महा पुण्यकाल मुहूर्त प्रातः 07:11 से प्रातः 08:53 तक रहेगा। यह संक्रांति शनिवार पर पड़ने के कारण असुर संक्रांति कहलाएगी। यह संक्रांति मेहनतकश मजदूरों, न्यायिक कर्मचारियों, डॉक्टर व इंजीनियरों के लिए अनुकूल रहेगी। धनु संक्रांति के विशिष्ट पूजन व उपाय से कानूनी कार्यों में जीत मिलती है, विवाद हल होते है व व्यावसायिक कार्यों में सफलता मिलती है।


विशेष पूजन विधि: प्रातः काल में सूर्यदेव का विधिवत पूजन करें। सरसों के तेल का दीप करें, लोहबान की धूप करें, काजल चढ़ाएं। नीले फूल चढ़ाएं, रेवड़ियों का भोग लगाएं तथा तिल मिश्रित जल से सूर्यदेव को अर्घ्य दें तथा चंदन की माला से इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग प्रसाद रूप में वितरित करें। 


पूजन मुहूर्त: प्रातः 08:32 से प्रातः 09:32 तक है।


पूजन मंत्र: ह्रीं भग भुवनेश्वराय नमः॥


उपाय
कानूनी कार्यों में जीत हेतु 7 लौंग कर्पूर से जलाकर सूर्य की आरती करें।


विवाद हल करने हेतु सूर्यदेव पर चढ़े 2 नारियल जलप्रवाह करें।


व्यावसायिक सफलता हेतु सूर्यदेव पर चढ़े 11 सूखे आंवले ऑफिस में छुपाकर रखें।

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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