सबसे सुंदर दिखने और असफलता की राह को पीछे छोड़ने के लिए पढ़ें...

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You Are HereReligious Fiction
Thursday, November 10, 2016-7:58 AM

यह कहानी एक कौवे की है। जो चाहता था कि वह बहुत सुन्दर दिखे। वह अपनी शक्ल से नफरत करता था क्योंकि उसे लगता था कि उसकी शक्ल बदसूरत है। काला और बदसूरत होना उसे अप्रिय था। इसलिए वह अपनी पूरी प्रजाति से भी घृणा करता था। वह जिस वृक्ष पर रहता था वहां कई मोर भी रहते थे। वह जब उन मोरों और उनके पंखों को देखता तो उसकी इच्छा उन मोरों की तरह सुन्दर बनने की होती।


एक दिन उसने अपनी इच्छा पूरी करने की ठानी। उसने बहुत सारे मोर पंखों को एकत्रित किया और उन्हें अपने से लगा लिया ताकि वह मोर की तरह सुन्दर दिखे लेकिन केवल मोर पंख लगा लेने से वह मोर नहीं बन सकता था। उसे अपना नया अवतार इतना अच्छा लगा कि उसने कौवों के साथ नहीं बल्कि मोरों के साथ रहने का निश्चय किया। उसने एक लंबी उड़ान भरी और मोरों के झुंड के बीच पहुंच गया। मोर उसे बहुत हैरानी से देखने लगे जो आधा कौवा और आधा मोर लग रहा था। मोरों ने पहचान लिया कि उनके बीच एक कौवा आ गया है। मोरों ने कौवे के पंखों को नोच डाला और उसका मजाक उड़ाने लगे। जैसे-तैसे कौवा अपनी जान बचाकर वहां से भागा।


कोई भी इंसान कुछ भी पा सकता है। इसके लिए हमें किसी की नकल करने की जरूरत नहीं। जरूरत है तो अपने ऊपर विश्वास रखने की। अपनी काबिलियत के साथ खड़े रहने की। अक्सर ऐसा होता है कि हम दूसरों की तरह बनना चाहते हैं। अपनी पहचान और काबिलियत पर कम भरोसा करते हैं। अपने अंदर की प्रतिभा को नहीं पहचान पाते। दूसरों की तरह बनने के चक्कर में हम दूसरों की तरह बन तो नहीं पाते बल्कि अपने आपको भी खो देते हैं। अपनी पहचान को भी दबा देते हैं। यह सही है कि आपका एक आदर्श होना चाहिए, एक लक्ष्य होना चाहिए। सफलता पाने के लिए यह जरूरी है कि आप अपना एक आदर्श चुनें।


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