जानिए भगवान शिव ने कब, कहां और किसे दिया अमरत्व का वरदान

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Wednesday, October 11, 2017-11:16 AM

भारत विभिन्न संस्कृति और धर्मों का घर है। हमारे देश में भिन्न-भिन्न धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं। भारत के प्रसिद्ध धार्मिक पूजा स्थलों में से एक अमरनाथ धाम है। अमरनाथ हिंदुओं का प्रमुख तीर्थस्थल है। कश्मीर राज्य के उत्तर पूर्व से 135 हजार मीटर की दूरी पर अमरनाथ की गुफा स्थित है। अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। कहा जाता है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने मां पार्वती को अमर कथा का रहस्य बताया था।

 

एक बार पार्वती द्वारा अमर होने की कथा सुनने की जिद्द करने पर भगवान शिव पार्वती को अमर कथा सुनाने के लिए समुद्रतल से 13,600 फुट की ऊंचाई पर स्थित इस स्थान पर लाए। गुफा में प्रवेश करने से पहले भगवान शिव ने अपने गले में सुशोभित नाग और सिर पर सजे चांद को उतार दिया। ताकि माता पार्वती के अलावा कोई और कथा न सुन सके। यहां आकर उन्होंने माता पार्वती को कथा सुनानी आंरभ की लेकिन माता को कथा के मध्य में ही नींद आ गई। इस दौरान इस गुफा में कबूतरों के दो बच्चों ने जन्म लिया, जिन्होंने अमर कथा सुन अमरता प्राप्त की। जब शिव जी को यह ज्ञात हुआ तो वह क्रोधित हो गए और उन्हें मारने के लिए आगे बढ़े। 

 

तभी कबूतरों ने भगवान शिव को कहा कि अगर वेे उन्हें मारेंगे तो अमर कथा झूठी साबित हो जाएगी। तब शिव जी ने अपने क्रोध को शांत कर उन्हें वरदान दिया कि युगों-युगों तक तुम दो कबूतरों का जोड़ा शिव-पार्वती का प्रतीक बन कर इस गुफा में निवास करेगा। उसी समय से यह स्थान अमरनाथ गुफा के नाम से प्रचलित हुआ। मान्यता है कि इन कबूतरों के दर्शन करने से शिव-पार्वती के दर्शनों जितना पुण्य मिलता है। इनके दर्शनों से वंचित रहने वाले हर व्यक्ति की यात्रा असफल मानी जाती है।

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