मां चिंतपूर्णी दरबार: श्रावण मेले की तैयारीयों को लेकर पंजाब केसरी की खास पेशकश

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Monday, July 17, 2017-11:57 AM

माता चिंतपूर्णी दरबार (हिमाचल प्रदेश) में 24 से 31 जुलाई तक श्रावण अष्टमी का पावन मेला पूरे हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचेगे लेकिन रविवार को श्रावण की संक्रांति वाले दिन भी मां के भक्तजनों की भारी भीड़ उमड़ी और हजारों श्रद्धालु मां के दरबार में नतमस्तक हुए। चिंतपूर्णी के बस अड्डे तक लगी हुई भक्तजनों की कतारों को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कि यहां श्रावण अष्टमी का मेला चल रहा है। 


शनिवार व रविवार को पड़ी बारिश के कारण चिंतपूर्णी में मौसम काफी सुहावना देखने को मिला, जिससे मां के भक्तों को गर्मी से काफी राहत मिली और उन्होंने मां के प्रति अपनी पूरी आस्था दिखाते हुए कतारों में खड़े होकर मां के दरबार तक पहुंचने के लिए अपनी बारी का इंतजार किया। मां के भक्तजन ढोल की थाप पर भंगड़ा डालते हुए हाथों में मां का झंडा लिए हुए दरबार की तरफ बढ़ रहे थे। कई श्रद्धालु भरवई से दंडवत करते हुए मां के दर्शन करने के लिए जाते दिखे।  मां के  दरबार पर माथा टेकने के बाद श्रद्धालु सैंकड़ों साल पुराने लगे वृक्ष पर अपनी मनोकामना पूरी करने को लेकर मौली बांध रहे थे। मंदिर को बड़ी ही खूबसूरती से सजाया गया है।


मेले की तैयारियों में जुटा प्रशासन
24 से 31 जुलाई तक मनाए जा रहे श्रावण अष्टमी के पावन मेले को लेकर जिला ऊना प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी बड़ी संख्या में हिमाचल पुलिस के जवान नियुक्त हैं जो कि अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहेंगे। एस.डी.एम. अम्ब के अनुसार मेले में श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई समस्या न आए, इसको लेकर प्रशासन द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। श्रद्धालुओं की मां चिंतपूर्णी के प्रति आस्था को देखते हुए उन्हें जल्द मां के दर्शन करवाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। 


मन्दिर जाने के लिए हो एक ही रास्ता 
मां के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मन्दिर में जाने के लिए एक ही रास्ता निश्चित किया जाना चाहिए लेकिन चिंतपूर्णी दरबार में ऐसा नहीं है। कई श्रद्धालु पिछले गेट से मां के मन्दिर में प्रवेश करते हैं और उन्हें ऐसा करने के लिए मन्दिर के आस-पास स्थित प्रशाद विक्रेता दुकानदारों के साथ सैटिंग तक करनी पड़ती है। जो श्रद्धालु इस ढंग से मां के दरबार में पहुंचते हैं, उन्हें देखकर कई घंटों से कतारों में खड़े होकर मन्दिर में पहुंचे श्रद्धालुओं को काफी ठेस पहुंचती है और वे इसके लिए सरकार, प्रशासन तथा विशेषकर मन्दिर के पुजारियों तथा नियुक्त किए गए सुरक्षा जवानों को कोसते हैं। 


कार पार्किंग वालों ने भी मचाई हुई है लूट
चिंतपूर्णी में अड्डे के पास बनी हुई कार पार्किंग के कारिंदों ने भी भारी लूट मचा रखी है। पार्किंग के बाहर लगे हिमाचल पुलिस के बैरीयर पर वाहनों को आगे जाने से यह कह कर रोक दिया जाता है कि आगे गाडिय़ां ले जाने की मनाही है। पुलिस वाले उन्हें पार्किंग की तरफ मोड़ देते हैं, जहां पार्किंग में खड़े हिमाचल नम्बर की गाडिय़ों वाले मन्दिर तक जाने के लिए यात्रियों से 100 रुपए वसूल करते हैं। ऐसे में यात्रियों को अपनी गाडिय़ां पार्किंग में 100 रुपए देकर खड़ी करने के बाद मन्दिर तक जाने के लिए वहां से एक और टैक्सी कर उसे भी 100 रुपए देने पड़ते हैं। इन टैक्सी वालों पर हिमाचल पुलिस कोई रोक नहीं लगाती। इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस व टैक्सी वालों के बीच सैटिंग है।


मन्दिर की कमान भरवाईं के तहसीलदार के पास
मन्दिर अधिकारी के रूप में माता चिंतपूर्णी मन्दिर की कमान भरवाईं के तहसीलदार रणिया संभाल रहे हैं जबकि उनसे पहले मन्दिर अधिकारी के रूप में सरोजा कुमारी अपनी सेवाएं प्रदान कर रही थीं। उनके तबादले के बाद कमान भरवाईं के तहसीलदार के पास है। पूर्ण रूप से अभी तक मन्दिर का नया अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है। 


सफाई व्यवस्था का बुरा हाल 
मां चिंतपूर्णी में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है जिसके कारण मां के भक्तों को भारी ठेस पहुंच रही है। उनका कहना है कि वे जिस मार्ग से गुजर कर मां के मन्दिर तक पहुंचते हैं, वहां सफाई नाम की कोई चीज नहीं है। हर तरफ बदबू फैली हुई है, जिससे उनको भारी परेशानी आती है। हिमाचल सरकार व जिला ऊना प्रशासन मां के भक्तों की आस्था को देखते हुए यहां की सफाई व्यवस्था के मुद्दे को गम्भीरता से ले। मन्दिर के आस-पास वाली सड़कें टूटी पड़ी हैं, यहां पैदल चलना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि बहुत से श्रद्धालु नंगे पांव पैदल चल कर ही मां के दर्शन करते हैं। चिंतपूर्णी के विकास पर हिमाचल सरकार को जरूर ध्यान देना चाहिए। 


पैदल व साइकिलों पर जा रहे हैं श्रद्धालु
श्रावण माह शुरू होते ही मां के भक्तों ने अपनी मनोकामना के साथ पैदल व साइकिलों पर मां के दरबार के लिए जाना शुरू कर दिया है। श्रावण संक्रांति के दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु होशियारपुर-चिंतपूर्णी मार्ग पर पैदल व साइकिलों पर जाते दिखे जो पंजाब के अलग-अलग जिलों से संबंधित थे। उन्होंने बातचीत में ‘पंजाब केसरी’ टीम को बताया कि वे हर साल यह यात्रा इसी तरह ही करते हैं और दाती की उन पर इतनी कृपा रहती है कि उन्हें कभी कोई मुश्किल नहीं आई। 
 

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