माघ महीने के खास दिन इस विधि से करें तिलों का प्रयोग, लक्ष्मीपति होंगे प्रसन्न

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Thursday, January 11, 2018-11:02 AM

शुक्रवार दि॰ 12.01.18 को माघ कृष्ण ग्यारस को षटतिला एकादशी पर्व मनाया जाएगा। इस दिन छ: प्रकार से तिल प्रयोग किए जाने का विधान है अतः इसे षटतिला एकादशी कहते हैं। इस दिन तिल स्नान, तिल की उबटन, तिलोदक, तिल का हवन, तिल का भोजन व तिल का दान करने की शास्त्र आज्ञा है। इस प्रकार छः रूपों में तिलों का प्रयोग 'षटतिला' कहलाता है। इस दिन काले तिलों का दान व भगवान विष्णु का काले तिलों से पूजन करना चाहिए। तिल मिश्रित पंचामृत से नारायण को स्नान कराया जाता है। सर्वप्रथम भगवान विष्णु ने नारद मुनि को षटतिला एकादशी का महातम बताया था। पुलस्य ऋषि ने दलभ्य ऋषि को षटतिला एकादशी का विधान बताया था जिसके अनुसार माघ कृष्ण एकादशी को विष्णु के निमित्त व्रत रखकर गंध, पुष्प, धूप दीप, ताम्बूल से विष्णु का षोडशोपचार पूजन करके उन्हें तिल मिश्रित उड़द की खिचड़ी का भोग लगाकर रात्रि में तिल से 108 बार विष्णु मंत्र से हवन करना चाहिए। षटतिला एकादशी पर भगवान विष्णु के विशेष पूजन व्रत व उपाय से आरोग्यता प्राप्त होती है, धन-धान्य में वृद्धि होती है वैभव की प्राप्ति होती है। 


विशेष पूजन विधि: संध्या के समय घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में गुलाबी कपड़े पर भगवान विष्णु का चित्र स्थापित करके विधिवत पूजन करें। आटे के दिए में इत्र मिले गौघृत का दीप करें, गुलाब की आगरबत्ति करें, गुलाब के फूल चढ़ाएं, अबीर चढ़ाएं, शक्कर-तिल की रेवड़ियों का भोग लगाएं व चंदन की माला से इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। 


पूजन मुहूर्त: प्रातः 07:30 से प्रातः 08:30 तक।
पूजन मंत्र: ॐ नमो भगवाते वासुदेवाय॥


सर्व मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु विष्णु पर तिल-उड़द की खिचड़ी का भोग लगाएं।


धन-धान्य में वृद्धि हेतु विष्णु पर चढ़े तिल गुलाबी वस्त्र में बांधकर किचन में रखें।


वैभव की प्राप्ति हेतु तिल मिले पंचामृत से विष्णु का अभिषेक करें।

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल kamal.nandlal@gmail.com

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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