शुक्रनीति: इन चीजों को न करें मोह, इन्हें सदैव अपने पास रख पाना संभव नहीं

  • शुक्रनीति: इन चीजों को न करें मोह, इन्हें सदैव अपने पास रख पाना संभव नहीं
You Are HereDharm
Saturday, September 02, 2017-11:10 AM

हर कोई चाहता है कि उसे जीवन की सारी सुख-सुविधाएं मिले। कई चीजें ऐसी होती है जो मनुष्य को बहुत प्रिय होती है। उनको पाने या उस पर सदैव अधिकार बनाए रखने के लिए वह सदैव कोशिश करते हैं लेकिन एक समय के बाद वह वस्तु उससे दूर हो जाती है। जीवन में कोई भी चीज सदैव आपके पास नहीं रह सकी। शुक्रनीति में ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है जिनको अपने पास रखना किसी भी मनुष्य के लिए संभव नहीं है। 

यौवनं जीवितं चित्तं छाया लक्ष्मीश्र्च स्वामिता।
चंचलानि षडेतानि ज्ञात्वा धर्मरतो भवेत्।।


अधिकतर लोग जवान ही रहना चाहते हैं लेकिन ऐसा होना संभव नहीं है। व्यक्ति का यौवन अौर रुप सदैव एक जैसा नहीं रहता। यह प्रकृति का नियम है कि एक समय के बाद हर किसी की युवा अवस्था उसका साथ छोड़ देती है। व्यक्ति युवा बनने के लिए कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन ऐसा नहीं होता। 

जीवन अौर मृत्यु व्यक्ति जीवन का अभिन्न अंग है। जिसका जन्म होता है उसकी मत्यु निश्चित है। कोई भी व्यक्ति कितना भी पूजा पाठ कर ले या दवाइयों का सहारा ले लेकिन उसकी मृत्यु निश्चित है। अपने आप को किसी मोह में बांधना अच्छी बात नहीं है। 

अधिकतर लोगों का मन बहुत चंचल होता है। कई लोग कोशिश करते हैं कि उनका मन उनके वश में रहे लेकिन कभी न कभी मन वश के बाहर चला जाता है। वे ऐसे काम कर बैठते हैं जो उनको नहीं करने चाहिए। मन को पूरी तरह वश में करना बहुत मुश्किल होता है लेकिन योग अौर ध्यान की सहायता से कापी हद तक मन पर काबू पाया जा सकता है। 

व्यक्ति की परछाई उसका साथ तब तक ही देती है जब तक वह धूप में चलता है। अंधकार में आते ही उसकी परछाई उसका साथ छोड़ देती है। जब किसी व्यक्ति की परछाई ही उसका साथ नहीं देती तो ऐसे में किसी अन्य से इस बात की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए कि वे हर समय अौर परिस्थिति में आपके साथ रहे।

हर व्यक्ति चाहता है कि उसके पास अधिक धन-दौलत अौर जीवन की हर सुख-सुविधा हो। ऐसे में कुछ लोग धन से अपना मोह पाल लेते हैं अौर वे चाहते हैं कि उनका धन सदैव उनके पास रहे। ऐसा हो पाना संभव नहीं है। मन की भांति ही धन का स्वभाव भी चंचल होता है। धन हर समय एक ही जगह पर नहीं टिकता इसलिए मनुष्य को धन का मोह नहीं रखना चाहिए। 

कुछ लोगों को अधिकार पाने का शौक होेता है। वे चाहते हैं कि उनको मिला पद या अधिकार पूरे जीवन उनके साथ रहे लेकिन ऐसा होना संभव नहीं है। जिस तरह परिवर्तन प्रकृति का नियम है, उसी तरह पद और अधिकारों का परिवर्तन भी समय-समय पर जरूरी होता है। ऐसे में अपने वर्तमान पद या अधिकार को हमेशा अपने ही पास रखने की इच्छा मन में नहीं आने देनी चाहिए।

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You