...तो इन कारणों से है स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी इतना प्रसिद्ध!

  • ...तो इन कारणों से है स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी इतना प्रसिद्ध!
You Are HereVastu Shastra
Monday, November 07, 2016-3:22 PM

विश्व में इससे ऊंचे भी स्टेच्यू बने हुए हैं परन्तु जो प्रसिद्धि स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को मिली वह किसी अन्य स्टेच्यू को नहीं मिली। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी न्यूयार्क हार्बर के न्यूयार्क शहर में हडसन नदी के एक टापू पर स्थित एक विशाल प्रतिमा है जो अपने एक हाथ में मशाल और दूसरे में एक किताब लिए खड़ी है। इस प्रतिमा को सन् 1886 में फ्रांस ने अमेरिका को अपनी मित्रता प्रतीक के रुप में भेंट किया था। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को बनने में लगभग 9 साल से कुछ ज्यादा का समय लगा था। इसके कुछ भाग फ्रांस में बने थे, जिसमें इसका सिर भी शामिल है। तांबें की इस मूर्ति की लम्बाई 151 फीट है और आधार से लेकर मूर्ति की मशाल के शिखर तक की ऊंचाई 306 फीट (93 मीटर) है। प्रतिमा का कुछ वजन 225 टन (2 लाख 25 हजार किलो) है। प्रतिमा के ताज से जो सात कीले निकली हुई है वह संसार के सातों महाद्वीपों को दर्शाती है। मूर्ति के ताज तक जाने के लिए 354 घुमावदार सीढियां पड़ती हैं, इसके ताज में 25 खिड़कियां हैं।


स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी का बाहरी भाग तांबें से बना है। इसकी मशाल को 1984 में तांबे की एक मशाल के साथ बदल दिया गया था। जिस पर 24 किलो सोने का पतरा चढ़ा हुआ है। प्रतिमा के बाएं हाथ में एक किताब है जिस पर अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई 1776) की तारीख रोमन में लिखी हुई है। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी का पूरा नाम Liberty Enlinghting the World (स्वतंत्रता संसार को शिक्षाप्रद करती है।) मूर्ति जिस टापू पर स्थित है उसे लिबर्टी आईलैण्ड कहा जाता है। इस मूर्ति को रोमन देवी लिबर्टस से प्रेरणा लेकर बनाया गया है क्योंकि उसे स्वतंत्रता की देवी माना जाता है। इस मूर्ति को निहारने रोजाना लगभग 15 हजार से अधिक लोग आते हैं।


विश्व में इससे ऊंचे भी स्टेच्यू बने हुए हैं परन्तु जो प्रसिद्धि स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को मिली वह किसी अन्य स्टेच्यू को नहीं मिली। फेंगशुई के सिद्धान्तों के आधार पर बनी अब तक की सबसे ऊंची स्टेच्यू 128 मीटर ऊंची स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध चीन के जाओकुन कस्बे में स्थित है। स्टेच्यू के पीछे उत्तर दिशा में पहाडियां हैं और सामने दक्षिण दिशा में क्रमशः नीचाई के साथ पानी भी है। अब तक की विश्व की सबसे ऊंची स्टेच्यू होने के बाद भी इसे ज्यादा प्रसिद्धि नहीं मिल पाई है। वास्तुशास्त्र के अनुसार यह भौगोलिक स्थिति वास्तु सिद्धान्तों के विपरीत है क्योंकि वास्तुशास्त्र पर वर्षों के अनुसंधान के बाद मुझे यह देखने में आया है कि यदि दक्षिण दिशा या पश्चिम दिशा में पहाड़ हो उत्तर, पूर्व दिशा या ईशान कोण में नीचाई हो तो वह स्थान अधिक प्रसिद्धि प्राप्त करता है। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को जिस आईलैण्ड पर स्थापित किया गया है उस आईलैण्ड की भौगोलिक स्थिति वास्तुनुकूल है।


स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की स्थापना जिस आईलैण्ड पर की गई है, उसे 1956 से पहले Bedloe’s Island कहा जाता था। यह आईलैण्ड अण्डाकार है, जो कि न्यूयार्क से 1.2 मील की दूरी पर और जर्सी सिटी के मध्य समुद्र में स्थित है। पर्यटकों को न्यूयार्क और जर्सी दोनों शहरों से जहाज जैसी नाव में जिसे फेरी कहते है द्वारा इस आईलैण्ड तक लाया जाता है।


यह आईलैण्ड उत्तर, पूर्व दिशा एवं ईशान कोण में समुद्र से लगभग डेढ़ फीट ऊंचा है, वहीं दक्षिण, पश्चिम दिशा एवं नैऋत्य कोण में क्रमशः ऊंचा होते-होते लगभग 5 से 6 फीट ऊंचा है। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी इस आईलैण्ड की दक्षिण दिशा में एक बहुत बड़े आकार की और लगभग 150 फीट ऊंचे प्लेटफ़ॉर्म पर स्थापित है, जहां मूर्ति भी दक्षिण दिशा को ही देख रही है। इस प्रकार टापू के साथ-साथ मूर्ति और इस प्लेटफ़ॉर्म के कारण इस टापू की दक्षिण दिशा भारी हो गई है।


इस आईलैण्ड की उत्तर और पूर्व दिशा में जमीन में नीचाई होने के साथ-साथ आईलैण्ड का ज्यादातर भाग खाली है जहां गार्डन है। थोडे़ से भाग में सोवेनियर शॉपस, रेस्टोरेन्ट एवं टॉयलेट-बाथरुम बने हुए हैं।


बोट एवं स्टीमर से टापू पर पर्यटकों के उतरने के लिए जो स्थान बना है वह पश्चिम वायव्य में है। पश्चिम वायव्य का द्वार वास्तुनुकूल होकर लोगों को आकर्षित करता है। इन्हीं वास्तुनुकूलताओं के कारण स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी विश्व प्रसिद्ध है।

- वास्तु गुरू कुलदीप सलूजा 
thenebula2001@yahoo.co.in


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