आज का गुडलक- विशेष पूजन से मिलेगा अमोघ फल और मोक्ष

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Monday, August 21, 2017-6:31 AM

सोमवार दिनांक 21.08.17 को भाद्रपद सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। मत्स्यपुराण के अनुसार पितृओं ने अपनी कन्या आच्छोदा के नाम पर आच्छोद नामक सरोवर का निर्माण किया था। इसी सरोवर पर आच्छोदा ने पितृ नामक अमावस से वरदान पाकर अमावस्या पंचोदशी तिथि को पितृओं हेतु समर्पित किया। शास्त्रनुसार इस दिन कुश को बिना अस्त्र शस्त्र के उपयोग किए उखाड़ कर एकत्रित करने का विधान है। अतः इस दिन एकत्रित किए हुए कुश का प्रभाव 12 वर्ष तक रहता है। शास्त्रनुसार इस दिन पितृ के निमित पिण्डदान, तर्पण, स्नान, व्रत व पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन तीर्थ तट पर नदी-सरोवर में तिल प्रवाहित करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है। आज के विशेष पूजन से अमोघ फल और मोक्ष की प्राप्ति होती है।


विशेष पूजन: दक्षिणमुखी होकर पितरों को कुशासन देकर उनके निमित पूजन करें। तिल के तेल का दीप करें, सुगंधित धूप करें, सफ़ेद तिल चढ़ाएं, दूध से तिलक करें व खीर का भोग लगाकर 108 बार विशिष्ट मंत्र जपें। इसके बाद खीर गरीबों में बाटें।


विशेष मंत्र: ॐ सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशम हं हं सुख शांतिम् देही फट स्वाहा॥


पूजन मुहूर्त: दिन 12:00 से दिन 12:30 तक।


महूर्त विशेष
अभिजीत मुहूर्त:
दिन 11:58 से दिन 12:50 तक।


अमृत काल: दिन 14:22 - शाम 15:51 तक। 

यात्रा महूर्त: दिशाशूल - पूर्व। राहुकाल वास - वायव्य। अतः पूर्व व वायव्य दिशा की यात्रा टालें।


आज का गुडलक ज्ञान
गुडलक कलर:
कुंद।


गुडलक दिशा: दक्षिण-पूर्व।


गुडलक टाइम: शाम 16:53 से शाम 18:35 तक।


गुडलक मंत्र: ॐ श्रीम् नमः॥


गुडलक टिप: सर्वार्थ सफलता हेतु पीपल पर दूध चढ़ाएं।


गुडलक फॉर बर्थडे: आरोग्य प्राप्ति हेतु दूध में अपनी छाया देखकर जल प्रवाह करें।


गुडलक फॉर एनिवर्सरी: जीवनसाथी संग किसी वृद्ध स्त्री को सफ़ेद वस्त्र दान करने से गृहक्लेश मिटेगा।

 

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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