कल चौराहे पर फेंके ये चीज, कोर्ट केस में मिलेगी जीत

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Monday, December 04, 2017-11:35 AM

कल मंगलवार दि॰ 05.12.17 संध्या पर तृतीया, आर्द्रा नक्षत्र व शुभ योग होने के निमित देवी त्रिपुर भैरवी का पूजन श्रेष्ठ रहेगा। त्रिपुर-भैरवी छठी महाविद्या हैं। देवी त्रिपुर-भैरवी त्रिलोक में भय व पाप के विनाश हेतु स्थापित हैं। भैरवी ही तीनों लोकों के अंतर्गत विध्वंस की शक्ति हैं। देवी ही महेश्वर के विध्वंसक प्रवृति का प्रतिनिधित्व करती हैं। अपने सौम्य रूप में लाल वस्त्र व गले में मुंड-माला धारण किए हैं। समस्त देह पर रक्त चंदन का लेपन हैं। अपने दाएं हाथों में जप माला व पुस्तक धारण करती हैं, बायें हाथों से वर व अभय मुद्रा प्रदर्शित करती हैं एवं कमल के आसन पर विराजमान हैं। इन्होंने ही, अठारह भुजा युक्त दुर्गा रूप में उत्तम मधुपान कर महिषासुर दैत्य का वध किया था। नारद-पाञ्चरात्र के अनुसार देवी महाकाली की छाया-विग्रह से त्रिपुर-भैरवी का प्राकट्य होता है। शास्त्र रुद्रामल तंत्र के अनुसार सभी दश महाविद्या शिव की शक्तियां हैं व देवी भागवत के अनुसार छठी महाविद्या त्रिपुर-भैरवी ही महाकाली की उग्र रूपा है। इनकी उपासना से सभी बंधन दूर होते हैं, यह उपासना भव-बन्ध-मोचन कहलाती है। व्यक्ति के शत्रु परास्त होते हैं, भय का नाश होता है, कोर्ट केस में जीत मिलती है। 


पूजन विधि: देवी त्रिपुर भैरवी के चित्र का विधिवत दशोपचार पूजन करें। चमेली के तेल का दीपक करें, गुग्गल से धूप करें, लाल फूल चढ़ाएं। लाल चंदन चढ़ाएं, गुड का भोग लगाएं, तथा लाल चंदन की माला से इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग प्रसाद स्वरूप वितरित करें।


पूजन मुहूर्त: शाम 18:05 से शाम 19:05 तक।


पूजन मंत्र: ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः॥


उपाय
भय के नाश हेतु देवी त्रिपुर भैरवी पर चढ़े सिंदूर से नित्य तिलक करें। 


कोर्ट केस में जीत हेतु त्रिपुर भैरवी पर चढ़े 10 मसूर के दाने चौराहे पर फेंक दें।


शत्रुओं पर जीत हासिल करने हेतु देवी त्रिपुर भैरवी के समक्ष 6 लौंग कर्पूर से जलाएं।

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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