वृंदावन को तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे: आदित्यनाथ

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Saturday, October 07, 2017-8:28 AM

वृंदावन, गोवर्धन आदि क्षेत्रों की आध्यात्मिक परम्परा को गौरव प्रदान करने हेतु तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है और सम्पूर्ण क्षेत्र के विकास के लिए बोर्ड का गठन भी कर दिया गया है। यह बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां परिक्रमा मार्ग पर स्थित गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में संचालित श्री कृष्ण कृपा धाम के 22वें वार्षिकोत्सव के समापन समारोह में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कही।  इससे पूर्व स्वामी ज्ञानानंद ने मथुरा-वृंदावन के प्रति लोगों की भावनाओं को देखते हुए तीर्थ घोषित करवाए जाने की बात रखी और यमुना जी की दयनीय स्थिति की बात भी सी.एम. के सामने कही।

 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें भगवान श्री कृष्ण की पावन क्रीड़ा स्थली का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। सम्पूर्ण पवित्र तीर्थ स्थली है और इसके एक-एक कण में भगवान श्री कृष्ण की लीला समाहित है। पूरे विश्व के श्रद्धालु वृंदावन के दर्शन के लिए बेताब रहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां की पहचान पवित्र यमुना जी भी हैं। गंगा व यमुना में विरलता बनी रहे, यह हमारा नैतिक दायित्व भी है। गंदगी हम फैंलाएं और सफाई दूसरा करे, यह हमारी आदत बन गई है। स्वच्छता के प्रति अभियान को हम सभी लक्ष्य तक पहुंचाएं। इससे धर्म स्थल वास्तव में धर्म स्थल लगेंगे।

 

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उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति हर नागरिक अपने दायित्वों का निर्वहन करने लग जाए तो किसी को भी हमारे धर्म स्थलों पर उंगली उठाने का अवसर नहीं मिलेगा और अराध्य देवों के बारे में अच्छी भावना दुनिया में बनती दिखेगी। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले गीता जयंती उत्सव की चर्चा करते हुए कहा कि गीता के माध्यम से समाज व राष्ट्र की समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।


योग ऋषि बाबा रामदेव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में स्वदेशी का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश का पैसा देश में रहना चाहिए। सवा सौ करोड़ भारतीय मिलकर पुरुषार्थ करेंगे तो देश की जी.डी.पी. भी बढ़ेगी। 3 दिवसीय इस समारोह की शुरूआत वृंदावन के करीब 400 सफाई कर्मचारियों को श्री कृष्ण कृपा धाम में प्रीति भोज करवा कर की गई। दूसरे दिन देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं ने स्वच्छता के संकल्प के साथ स्वामी ज्ञानानंद के सान्निध्य में वृंदावन की परिक्रमा की। समारोह के दौरान हुए संत सम्मेलन में भानुपुरा पीठाधीश्वर शंकराचार्य महाराज, काष्र्णि महाराज गुरुशरणानंद, मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज, साध्वी ऋतम्बरा, कृष्ण चंद्र ठाकुर जी, संजीव कृष्ण ठाकुर, गिरीशानंद महाराज, मुक्तानंद महाराज, फूलडोल दास महाराज आदि विभिन्न संत उपस्थित थे।


स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने सभी के मंगल की शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए ब्रज के भाव को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। इस अवसर श्री कृष्ण कृपा केंद्रीय समिति के अध्यक्ष डा. सूद अग्रवाल, अशोक चावला भी थे।

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