शंख पूजन कल: दूध भरे शंख से श्रीहरि का करें अभिषेक, धन के अभाव से मिलेगी मुक्ति

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Saturday, November 11, 2017-9:57 AM

रविवार दि॰ 12.11.17 को शास्त्रानुसार श्रीकृष्ण का स्वरूप कहे जाने वाले मार्गशीर्ष माह में शंख पूजन का विशेष महत्व रहेगा।  विष्णु पुराण अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से शंख एक रत्न है। लक्ष्मी समुद्र पुत्री हैं व शंख उनका सहोदर भाई है। अष्टसिद्धि व नवनिधी में शंख का स्थान महत्वपूर्ण है। शंख को विजय, समृद्धि, सुख, यश, र्कीत व लक्ष्मी का साक्षात प्रतीक माना गया है। शंख का जल सभी को पवित्र करने वाला माना गया है, इसी कारण आरती के बाद शंख से जल छिड़का जाता है। भगवान विष्णु अपने हाथों में चक्र, गदा व कमल के साथ-साथ शंख भी धारण करते हैं। शंख विष्णु का एक प्रमुख आयुध शस्त्र है। शंख की पूजा करने से घर में वातावरण शुद्ध होता है। घर में जल के स्रोत पर शंख रखने से धन-धान्य की वृद्धि होती है। शंख से केसर मिले जल से नारायण का अभिषेक करने से घर में बरकत आती है। शंख पूजन से लक्ष्मी-नारायण प्रसन्न होते हैं। अगहन मास में शंख पूजा से मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। मार्गशीर्ष माह में शंख पूजन से धन का अभाव नहीं रहता। 


विशेष पूजन विधि: शंख का विधिवत दशोपचार पूजन करें। रोली मिले घी से दीप करें, अगरबत्ती जलाएं, रोली चढ़ाएं, लाल फूल चढ़ाएं, कच्चे दूध का भोग लगाएं, तथा इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद कच्चे दूध को जलप्रवाह करें।

 

पूजन मुहूर्त: प्रातः 10:00 to 11:30 तक।

 

पूजन मंत्र: ह्रीं श्रीं क्लीं ब्लू शंखानिधये नम:॥


उपाय
मनोवांछित फल प्राप्त हेतु दूध भरे शंख से श्रीहरी का अभिषेक करें।


पारिवारिक समृद्धि हेतु शंख में केसर मिले जल से लक्ष्मी-नारायण का अभिषेक करें।

 

धन आभाव से मुक्ति हेतु जल भरे शंख से भगवान की आरती उतारकर तिजोरी में छिड़काव करें।


आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com

 

Edited by:Aacharya Kamal Nandlal
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