आप भी जीना चाहते हैं ‘सफल जीवन’, रखें ध्यान

  • आप भी जीना चाहते हैं ‘सफल जीवन’, रखें ध्यान
You Are HereDharm
Friday, November 24, 2017-10:18 AM

एक बेटे ने पिता से पूछा, ‘‘पापा यह ‘सफल जीवन’ क्या होता है?’’


पिता बेटे को पतंग उड़ाने ले गए। बेटा पिता को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था। थोड़ी देर बाद बेटा बोला, ‘‘पापा, धागे की वजह से पतंग और ऊपर नहीं जा पा रही है, क्या हम इसे तोड़े दें। यह और ऊपर चली जाएगी।’’ 


पिता ने धागा तोड़ दिया। पतंग थोड़ी-सी ऊपर गई और उसके बाद लहरा कर नीचे आई तथा दूर अनजान जगह पर जाकर गिर गई। 


तब पिता ने बेटे को जीवन का दर्शन समझाया। बेटा, ‘‘जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर हैं, हमें अक्सर लगता कि कुछ चीजें जिनसे हम बंधे हैं वे हमें और ऊपर जाने से रोक रही हैं, जैसे घर-परिवार, अनुशासन, माता-पिता आदि और हम उनसे आजाद होना चाहते हैं। वास्तव में यही वे धागे होते हैं जो हमें उस ऊंचाई पर बनाकर रखते हैं। इन धागों के बिना हम एक बार तो ऊपर जाएंगे परंतु बाद में हमारा वही हश्र होगा जो बिन धागे की पतंग का हुआ। अत: जीवन में यदि तुम ऊंचाइयों पर बने रहना चाहते हो तो कभी भी इन धागों से रिश्ता मत तोडऩा। धागे और पतंग जैसे जुड़ाव के सफल संतुलन से मिली हुई ऊंचाई को ही ‘सफल जीवन’ कहते हैं बेटा।’’ 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!

Recommended For You