PIX: सांई की रसोई में करते हैं हजारों भक्त भोजन, साल में आता है 30 करोड़ खर्च

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Monday, September 12, 2016-10:28 AM

शिर्डी के सांई बाबा पर भक्तों की बहुत आस्था है। कहा जाता है कि बाबा आज भी अपनी समाधि पर विराजते हैं। यहां सांई बाबा की आरती अौर पूजा की जाती है। प्रसादालय में यहां की संस्था हजारों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करती है। बाबा की कृपा से यहां पर हजारों लोग भोजन करते हैं। जहां हजारों लोगों के लिए भोजन बनता है वह एशिया की सबसे बड़ी रसोइयों में से एक है। भक्त सांई बाबा के प्रसादालय में संतुष्टि के साथ प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण करते हैं। बाबा सांई के भक्त भारी भीड़ के समय बाबा के भक्तों के लिए मुफ्त में भोजन दान करते हैं। 

 

एक बार में कर सकते हैं 3500 भक्त भोजन

शिर्डी के सांई प्रसादालय की मुख्य इमारत का ग्राऊंड प्लोर करीब 11,550.77 स्कवेयर फीट में फैला है। यहां बने भोजन कक्ष में एक बार में करीब 3500 भक्त खाना खा सकते हैं। यहां प्रतिदिन 25 से 30 हजार सांई भक्त भोजन के रूप में प्रसाद ग्रहण करते हैं। इसके अतिरिक्त विशेष अवसरों में 55 से 80 हजार भक्त भोजन करते हैं। 

 

खाना बनाने हेतु किया जाता है सोलर रेडिएशन सिस्टम का प्रयोग

इतने भक्तों का खाना बनाने हेतु प्रसादालय की धत पर सोलर रेडिएशन से चलने वाला सिस्टम लगाया गया है। बारिश के दिनों में सोलर सिस्टम से पर्याप्त ऊर्जा की प्राप्ति नहीं होती तो रुक्कत्र बेकअप सिस्टम का प्रयोग किया जाता है। शिर्डी का सांई प्रसादालय सुबह 10 से रात 10 बजे तक खुला रहता है। प्रतिदिन सुबह 7 बजे से खाना बनाने की प्रक्रिया आरंभ हो जाती है। प्रसादालय में करीब 120 लोग कोम करते हैं।

 

3 घंटे में बनती हैं 30000 रोटियां

प्रसादालय में प्रतिदिन 5000-6000 किलो आटे की रोटियां बनाई जाती हैं। यहां सब्जी काटने, धोने, आटा पीसने, गूंथने, रोटी बनाने अौर बर्तन साफ करने हेतु मशीनों का प्रयोग किया जाता है। 5 मशीनें 3 घंटे में करीब 30000 हजार रोटियां बनाती है। सब्जियों अौर अन्य सामान को कोल्ड स्टोरेज में रखने की व्यवस्था है। 

 

हर वर्ष आता है करीब 30 करोड़ रुपए खर्च 

यहां गरीब अौर असहाय लोगों के लिए भोजन फ्री दिया जाता है। प्रसादालय में खाने के दो तरह के कूपन मिलते हैं। पहला साधारण कूपन, जिसके लिए महज 10 रुपए चुकाने होते हैं और दूसरा वी.आई.पी .कूपन लजो बस थोड़ा सा महंगा है। प्रसादालय में बने खाने की एक थाली की कीमत 10 रुपए हैं अौर 10 से कम आयु वाले बच्चों के लिए 5 रुपए है। थाली में दाल, चावल, रोटी अौर सब्जी परोसी जाती है। एक थाली की कीमत 15 रुपए है। इसे चलाने वाली संस्था इस पर हर वर्ष करीब 30 करोड़ रुपए खर्च करती है। शिरडी में साईं भक्तों के लिए शिरडी ट्रस्ट की ओर से रहने की व्यवस्था है। वैसे शिरडी में बड़ी संख्या में प्राइवेट होटल भी हैं। 


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