मिस्र में ताजा हिंसा में 38 लोगों की मौत

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Saturday, August 17, 2013-4:00 AM

काहिरा: मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों पर बर्बर कार्रवाई में 600 से अधिक लोगों के मारे जाने के बाद मुस्लिम ब्रदरहुड के हजारों समर्थकों ने आज जुमे की नमाज के बाद मिस्र की सड़कों पर प्रदर्शन किया और इस दौरान हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई।

यहां के गृह मंत्रालय ने चेतावनी दे रखी थी कि किसी भी सरकारी इमारत की ओर बढऩे वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस हथियारों का इस्तेमाल करेगी। मुस्लिम ब्रदरहुड ने इस चेतावनी की परवाह नहीं की और सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।

काहिरा, इस्लामायिा, दामेता, अलेक्जेंड्रिया और कई अन्य जगहों पर मुर्सी समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई।

बीबीसी ने स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि कम से कम 38 लोग मारे गए हैं। काहिरा में 13, नील डेल्टा में 12 तथा दूसरे स्थानों पर 13 लोगों की मौत हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि आज की हिंसा में 17 लोग मारे गए हैं, लेकिन मुस्लिम ब्रदरहुड का दावा है कि उसके 25 समर्थक पुलिस की गोलीबारी में मारे गए हैं।

मिस्र की सेना ने काहिरा और अन्य शहरों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर रखी थी क्योंकि मुस्लिम ब्रदरहुड ने जुमे की नमाज के बाद 28 मस्जिदों से मार्च निकालने का आह्वान किया था।

जुमे की नमाज के बाद मुर्सी समर्थक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने सेना द्वारा लागू आपातकाल की अवज्ञा में इसे ‘शुक्रवार का रोष’ करार दिया।

सुरक्षा बलों ने मिस्र के उत्तरी शहर तांता स्थित एक सरकारी इमारत तक पहुंचने से मुर्सी समर्थकों को रोकने के लिए हवा में गोलियां चलाई और आंसू गैस के गोले छोड़े।

मुस्लिम ब्रदरहुड ने आज विशाल प्रदर्शन करने का संकल्प लिया था वहीं मिस्र की सैन्य सरकार ने अपनी कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती।

मुस्लिम ब्रदरहुड ने आज लोगों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील करते हुए अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘‘इस अवैध शासन को उखाड़ फेंकना एक कर्तव्य है।’’

सरकारी मीडिया ने बताया कि काहिरा के सभी प्रवेश द्वार पर स्थित चौकियों पर सैनिक बढा़ दिए गए हैं ताकि प्रदर्शनकारियों तक हथियार न पहुंचने पाए।  काहिरा के उत्तर में सुरक्षा बलों की कारों पर हमलावरों की गोलीबारी में कम से कम 20 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

गौरतलब है कि रबाबा अल अदावेया और अल नाहदा स्थित मुर्सी समर्थक प्रदर्शनकारियों के दो शिविरों को हटाये जाने की सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 638 लोग मारे गए, जिसके बाद प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।

सेना द्वारा 3 जुलाई को मुर्सी को अपदस्थ किए जाने के बाद इन दोनों स्थानों पर मुर्सी समर्थक धरने पर बैठे थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कल बताया था कि मिस्र में हुई राष्ट्रव्यापी हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 638 हो गई है जिससे यह अरब क्रांति के दौर के बाद सबसे अधिक खूनखराबे वाला दिन बन गया।


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