मुस्लिम संगठनों ने मिस्र से भारतीय राजदूत को वापस बुलाने की मांग की

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Tuesday, August 20, 2013-8:04 PM

नई दिल्ली: देश के प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने मिस्र में मोहम्मद मुर्सी को सेना द्वारा अपदस्थ किए जाने के बाद से जारी हिंसा की निंदा करते हुए भारत सरकार से मांग की है कि इस अरब राष्ट्र में लोकतंत्र की बहाली के लिए दबाव बनाने के मकसद से भारतीय राजदूत को वापस बुलाया जाए।

कई मुस्लिम संगठनों के महासंगठन ‘ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत’ (एआईएमएमएम) ने एक बयान में कहा कि मिस्र में सेना द्वारा किया गया ‘तख्तापलट’ निंदनीय है और निर्वाचित राष्ट्रपति मुर्सी को तत्काल बहाल किया जाना चाहिए।

एआईएमएमएम के अध्यक्ष डॉक्टर जफरूल इस्लाम खान ने कहा, ‘‘मिस्र में भीड़तंत्र के बहाने एक निर्वाचित राष्ट्रपति और उनकी सरकार को हटाया गया। अब मिस्र की सेना ने निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्याएं शुरू कर दी हैं। हमारा सवाल है कि दुनिया भर में लोकतंत्र की वकालत करने वाले खामोश क्यों हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा देश लोकतंत्र और मानवाधिकारों की पैरोकारी की नीति पर अमल करता है। इसके बावजूद भारत सरकार ने मिस्र में लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ कड़ा रूख नहीं अपनाया।’’ बीते तीन जुलाई को सेना ने मुर्सी को अपदस्थ कर दिया था। इसके बाद से वहां मुर्सी समर्थक प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों का दौर जारी है। बीते 14 अगस्त को प्रदर्शनकारियों के शिविरों पर सेना की कार्रवाई के बाद से अब तक 850 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रमुख मौलाना जलालुद्दीन उमरी ने कहा, ‘‘मिस्र की समस्या का एकमात्र समाधान यह है कि वहां निर्वाचित राष्ट्रपति मुर्सी को फिर से बहाल किया जाए। भारत का मुस्लिम समाज भी मुर्सी की बहाली की मांग करता है।’’

पूर्व सांसद और मुस्लिम नेता सैयद शहाबुद्दीन ने कहा, ‘‘मिस्र की सेना ने जिस तरह से लोगों की हत्याएं की हैं, उसके सामने जलियंवाला बाग की वीभत्स घटना भी छोटी नजर आती है। भारत सरकार को मिस्र पर प्रतिबंध लगाने और अपने राजदूत को वापस बुलाने के साथ इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाना चाहिए।’’

जानेमाने मुस्लिम विद्वान मुफ्ती अताउर रहमान कासमी ने कहा, ‘‘मिस्र को लेकर अरब देशों के शासकों का रूख बड़ा अफसोसनाक है। हम अपनी सरकार से उम्मीद करते हैं कि वह मिस्र में निर्दोषों की हत्याएं रोकने तथा लोकतंत्र की बहाली की दिशा में हर संभव कदम उठाएगी।’’ उधर, एमआईएमएमएम ने दिल्ली में मिस्र के राजदूत को पत्र लिखकर वहां के मौजूदा हालात पर विरोध प्रकट किया है।


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