मिस्र: प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी से मुस्लिम ब्रदरहुड को झटका

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Thursday, August 22, 2013-1:55 AM

काहिरा: मिस्र में पिछले कुछ दिनों में सत्ता विरोधी आंदोलन में शामिल प्रमुख विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी से पार्टी को करारा झटका लगा है। लेकिन इस बीच पार्टी ने दोहराया है कि उसका आंदोलन कमजोर नहीं होगा।

मिस्र प्रशासन ने बुधवार को कट्टर मौलवी सफवात हेगाजी और मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता मुराद मोहम्मद अली को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सोमवार को मुस्लिम ब्रदरहुड के शीर्ष नेता मोहम्मद बादी को गिरफ्तार किया गया था। बादी के साथ मुस्लिम ब्रदरहुड के दो अन्य शीर्ष सदस्यों यूसेफ तलात और हसन मलिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

मुस्लिम ब्रदरहुड ने मोहम्मद बादी को गिरफ्तार किए जाने के बाद महमूद एजात को अस्थाई तौर पर अपना नया नेता नियुक्त कर दिया है। मिस्र की सरकारी समाचार एजेंसी मीना के मुताबिक  हिंसा भड़काने के लिए वांछित हेगाजी लीबिया भागने की फिराक में था।

ब्रदरहुड की राजनीतिक शाखा, फ्रीडम और जस्टिस पार्टी के मीडिया सलाहकार मुराद मोहम्मद अली को काहिरा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया। वह रोम के लिए एक विमान पर सवार होने की कोशिश में था।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी को अपदस्थ किए जाने के एक दिन बाद चार जुलाई को ही कार्यवाहक महाअभियोज अहमद एज अल-दीन ने ब्रदरहुड के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। उन पर मुर्सी विरोधी प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

इस बीच समाचार एजेंसी अल हरम ने ब्रदरहुड की फ्रीडम एंड जस्टिस पार्टी की मीडिया कमेटी के अहमद ओकील के हवाले कहा है कि गिरफ्तारियों से ब्रदरहुड की गतिविधि पर असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह आंदोलन केंद्रीकृत न होकर संगठित है। उन्होंने माना कि कार्यकर्ताओं के मनोबल पर जरूर असर पड़ सकता है, लेकिन इससे उनकी समन्वित राजनीतिक प्रक्रिया की प्रतिबद्धता नहीं डिगेगी। 

उधर मिस्र के अंतरिम प्रधानमंत्री हाजेम अल-बेबलावी ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि उनके देश में गृहयुद्ध की कोई आशंका है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को आगाह किया है कि सैन्य मदद में किसी तरह की कटौती एक बुरा संकेत होगा।

मुहम्मद मुर्सी के अपदस्थ होने के बाद पिछले माह पद संभालने के बाद अपने पहले साक्षात्कार में बेबलावी ने एबीसी न्यूज से कहा, ‘‘वास्तव में मुझे गृहयुद्ध की आशंका नहीं है।’’ बेबलावी ने यह भी कहा है कि यदि अमेरिका सैन्य सहायता में कटौती का फैसला लेता है तो यह ‘‘एक बुरा संकेत होगा और सेना को कुछ समय के लिए बुरी तरह प्रभावित करेगा।’’

बेबलावी ने कहा है, ‘‘हमें दुख है कि ऐसे क्षण में अमेरिका और मिस्र के बीच एक तरह की गलतफहमी पैदा हो गई है।’’राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र की अंतरिम सरकार द्वारा मुर्सी समर्थकों को कुचलने के लिए उठाए गए कदम की कड़े शब्दों में निंदा की है।

ओबामा ने संयुक्त सैन्य अभ्यास रद्द करने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि मिस्र के साथ अमेरिका का पारंपरिक सहयोग सामान्य रूप से जारी नहीं रह सकता। इस बीच कांग्रेस में मतभेद के बावजूद अमेरिकी प्रशासन ने 1.3 अरब डॉलर का वार्षिक सैन्य मदद स्थगित करने से इंकार कर दिया है।

दो वर्ष पहले राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के पतन के बाद से मिस्र लोकतांत्रिक संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित देश के पहले राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी केवल एक वर्ष ही सत्ता में रह पाए और सेना ने उन्हें इस वर्ष जुलाई में अपदस्थ कर दिया। इसके बाद संविधान को निलंबित कर दिया गया और एक अंतरिम सरकार गठित कर दी गई।







 


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