मिस्र: मुबारक और मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रमुख के खिलाफ सुनवाई स्थगित

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Monday, August 26, 2013-3:53 AM

काहिरा: मिस्र में लोकतंत्र की स्थापना के लिए हुई क्रांति के दौरान 800 से ज्यादा लोगों की हत्या के लिए उकसाने के आरोपों में पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक और उनके पुत्रों सहित अन्य लोगों पर चल रही सुनवाई को मध्य सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है। दूसरी ओर हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में बंद मुस्लिम ब्रदरहुड के नेताओं के खिलाफ सुनवाई भी 29 अक्तूबर तक टल गई है ।

जनवरी 2011 में हुस्नी को सत्ता से हटाने के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों की हत्या के मामले में 85 वर्षीय मुबारक और पूर्व गृहमंत्री हबीब अल-अदली के खिलाफ सुनवायी कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अकादमी में हुई। प्रॉसेक्यूटर जनरल के कार्यालय की ओर से आरोपियों के खिलाफ नए सबूत पेश किए जाने के बाद सुनवाई स्थगित कर दी गई।

अदालत ने आदेश दिया कि 14 सितंबर को होने वाली मामले की अगली सुनवायी तक वकीलों द्वारा आरोपियों के खिलाफ मुहैया कराए गए सबूतों की जांच के लिए तीन अलग-अलग समितियां बनायी जाएं। एक समिति मुबारक और उनके दो पुत्रों द्वारा बंगलों के अवैध कब्जे के संबंध में लगे भ्रष्टाचार के आरोप के सबूतों की जांच करेगी।

‘अहराम ऑनलाइन’ की खबर के अनुसार, दूसरी समिति बाजार मूल्य से कम कीमत पर इस्राइल को गैस बेचने के मामले की जांच करेगी। मुबारक को सत्ता से हटाने के लिए 18 दिन चली क्रांति के दौरान प्रदर्शनकारियों की हत्या के संबंध में प्रस्तुत सबूतों की जांच तीसरी समिति करेगी।

प्रदर्शनकारियों की हत्या के मामले की सुनवाई के छठे सत्र में शामिल होने के लिए मुबारक हेलीकॉप्टर से पहुंचे। सरकारी टीवी की फुटेज में मुबारक अपने सह-आरोपी गृहमंत्री, छह सुरक्षा प्रमुखों और अपने दो पुत्रों, गमाल और अल्ला सहित आरोपियों के कटघरे में खड़े थे। मुकदमों में इस्राइल को कम मूल्य पर गैस बेचकर सरकारी धन बर्बाद करने का मामला भी शामिल है।

मुबारक इसी सप्ताह जेल से रिहा हुए हैं लेकिन अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री हाजेम अल-बेबलावी ने उन्हें नजरबंद कर दिया है। वह काहिरा के सैन्य अस्पताल में हैं। पूर्व राष्ट्रपति को पिछले वर्ष जून में उम्रकैद की सजा सुनायी गई थी लेकिन इस वर्ष जनवरी में उनके मुकदमे की सुनवाई फिर से करने का आदेश दिया गया।

इस मामले में मुबारक को मौत की सजा मिल सकती है। उनपर इसके अलावा भी भ्रष्टाचार के अन्य कई मामले चल रहे हैं। इस बीच दूसरी अदालत ने मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रमुख मोहम्मद बदी और उनके सहायक खैरात अल शातेर और अन्य लोगों के खिलाफ सुनवाई स्थगित कर दी।

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