2011 में अमेरिका ने किए थे 231 साइबर हमले

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Monday, September 02, 2013-10:37 AM

वॉशिंगटन: अमेरिकी गोपनीय दस्तावेजों के नए खुलासे में एक नया राज सामने आया है। पता चला है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने 2011 में 231 साइबर हमले किए थे। ईरानी समाचार एजेंसी, मेहर ने ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ के हवाले से बताया है कि सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) के पूर्व ठेकेदार एडवर्ड स्नोडेन द्वारा जारी दस्तावेजों से पता चला है कि वाशिंगटन के साइबर हमले बढ़ते जा रहे हैं, क्योंकि अमेरिकी खुफिया सेवाएं अन्य देशों के कंप्यूटर नेटवर्क में घुस जाती हैं और उसे बाधित कर देती है।

वॉशिंगटन पोस्ट को प्राप्त दस्तावेज भारी भरकम खुफिया बजट के हिस्से हैं, जिससे पता चलता है कि अमेरिका ने चालू वित्त वर्ष के लिए 52.6 अरब डॉलर के गुप्त बजट के साथ एक खुफिया जानकारी जुटाने वाला एक तंत्र बनाया खड़ा किया है। बजट दस्तावेजों से 65.2 करोड़ डॉलर की एक परियोजना का भी खुलासा हुआ है, जिसका कोड नाम ‘जीईएनई’ था। इस परियोजना के तहत अमेरिकी कम्प्यूटर विशेषज्ञ विदेशी कंप्यूटर नेटवर्कों में घुसपैठ कर उन्हें गोपनीय अमेरिकी नियंत्रण में कर लेते थे।

रपट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रशासन ने इस तरह के अमेरिकी साइबर हमलों की बात स्वीकार करने से इंकार कर दिया है और इसे गोपनीय बताया है। अक्टूबर 2012 में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक साइबर अभियान तब आपत्तिजनक है, जब इसके जरिए कंप्यूटर या कंप्यूटरों नेटवर्कों में सुरक्षित जानकारी में हेरफेर किया जाए, उसे बाधित किया जाए या उसे घटाया जाय या खत्म किया जाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति के नीति निर्देशों के अनुसार अमेरिकी सेना द्वारा किए जाने वाले साइबर हमलों के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति जरूरी होती है। जबकि वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि ये निर्देश अमेरिकी खुफिया समुदाय पर काफी हद तक लागू नहीं होते।


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