क्या तीसरे विश्व युद्ध की शक्ल ले सकता है सीरिया हमला?

  • क्या तीसरे विश्व युद्ध की शक्ल ले सकता है सीरिया हमला?
You Are HereInternational
Wednesday, September 04, 2013-11:04 AM

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की सीरिया पर हमले करने की बात एक बड़े खतरे की आहट सुना रही है। वही सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद भी अमेरिका और उसके सहयोगी देशो को चुनौती देते हुए कह रहे हैं कि हमला हुआ तो सबको कड़ी टक्कर देगे। सीरिया हमले की बात से भारत के बाजार में अभी से मंदी का असर दिखाई देने लग पड़ा हैं। क्यूंकि जब रुपया लुढ़कता है, तो डॉलर चढ़ता है। इसी तरह जब खाड़ी देशों में कोहराम मचता है, तब भारत में डीजल-पेट्रोल के दाम में आसमान को छू लेते हैं।

ऐसा लग रहा हैं कि जिस तरह से युद्ध का दायरा बढ़ रहा हैं, यह कही तीसरे विश्व युद्ध में न बदल जाए। हालांकि अंतिम फैसला तो 9 सितंबर को अमेरिकी सीनेट में सीरिया पर बहस और मतदान के बाद होगा। ओबामा को भी सीनेट के निर्णय का इंतजार हैं। एक तरफ जहां ईरान, चीन और रूस सीरिया के पक्ष में है, वही दूसरी तरफ फ्रंास, इंग्लैंड, तुर्की, जॉर्डन और इजरायल अमेरिका के निर्णय से सहमत हैं। ईरान ने तो धमकी दी हैं कि अगर अमेरिका सीरिया पर हमला करेंगा तो वह इजरायल पर अटैक कर देगा। इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र यह तय नहीं कर पा रहा हैं कि वह किसका साथ दें।

सीरिया के लोग राष्ट्रपति असद के केमिकल हथियारों के इस्तेमाल से दुखी तो हैं, लेकिन वह नहीं चाहते कि सीरिया पर हमला करके अमेरिका इराक में हुई दस पहले की घटना को दोहराए। परंतु अमेरिका ने सीरिया पर हमला करने की तैयारी कर रखी हैं। अमेरिका ने एड्रियाटिक सी में चार डिस्ट्रॉयर, लाल सागर में विमानवाहक पोत यूएस हैरी एस ट्रूमन, यमन के पास जंगी जहाज, अरब सागर में विमानवाहक पोत यूएएस निमिट्ज और फारस की खाड़ी में डाहरान एयरबेस पर अमेरिकी विमानों की तैनाती कर रखी हैं। इनके अलावा फांस, नाटो और तुर्की भी साथ है। लेकिन ओबामा के अपने ही देश के लोग उनके इस फैसले में उनके साथ नहीं हैं।

वही सीरिया भी इस मामले में कही पीछे नहीं हैं। उसके पास जमीन से हवा में मार करने वाली करीब 900 मिसाइलें, 4000 से ज्यादा एंटी-एयरक्राफ्ट गन हैं। इसके अलावा इस हमले का प्रमुख कारण वही रासायनिक हथियार भी सीरिया की ताकत में शुमार हैं। लेकिन कई लोगो का कहना हैं कि ओबामा के सीरिया पर हमले की वजह रसायनिक हथियारों का इस्तेमाल नही बल्कि पेट्रोलियम भंडार हैं। क्यूंकि सीरिया दुनिया का 33वां सबसे बड़ा देश है, जहां 250 करोड़ बैरल तेल मौजूद है। तेल के खेल में अमेरिका एक बार फिर इराक के घटनाक्रम को दोहराने की कोशिशो में लगा हुआ हैं। अब तो 9 सितंबर का इंतजार हैं, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You