तालिबान का सुष्मिता बनर्जी की हत्या से इंकार

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Friday, September 06, 2013-3:21 PM

काबुल: अफगानिस्तान में सक्रिय कुख्यात आतंकवादी संगठन तालिबान ने भारतीय लेखिका एवं पेशेवर नर्स सुष्मिता बनर्जी की हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है। अब तक माना जा रहा था कि 22 जुलाई 1995 को सुष्मिता के खिलाफ मौत का फरमान सुनाने वाले इस आतंकवादी संगठन ने ही उनकी हत्या की है।

सुष्मिता को पकतिका प्रांत में तडके उनके घर से कुछ लोग उन्हें उठाकर ले गए थे। बाद में उनका शव सराय काला गांव में बने अल जिदाद मदरसे के पास मिला गया था। सुष्मिता को 25 गोलियां मारी गईं थीं। हालांकि, स्थानीय पुलिस का कहना है कि अफगानिस्तानी व्यापारी जानबाज खान से शादी करने वाली ‘इस्केप फ्राम तालिबान’ की 49 वर्षीय लेखिका बनर्जी की हत्या तालिबानी आतंकवादियों ने की है।

पुलिस के मुताबिक तालिबान ने 1995 में भी सुष्मिता के लिए मौत का फरमान जारी किया था। तालिबान ने यह फरमान सुष्मिता के गुप्त क्लिनिक का पता चलने पर सुनाया था। इस क्लिनिक में सुष्मिता गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी में सहायता करती थीं जो तालिबानियों को नागवार गुजरी।


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