विवादित द्वीप पर जापानी कर्मचारियों की तैनाती, चीन हुआ लाल

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Tuesday, September 10, 2013-11:07 AM

बीजिंग: चीन ने पूर्वी चीन सागर में द्वीप पर जापानी सरकारी कर्मचारियों की संभावित तैनाती पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि वह इस तरह के किसी भी भडकाऊ कदम को हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगा। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहाइद सुगा ने आज कहा कि यह बेहद दुखद है कि चीनी तटरक्षक बल के जहाज अक्सर जापान की जल सीमा में घुसते रहते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार इसलिए अपनी स्वायत्तता की रक्षा के लिए शेनकाकू पर अपने सरकारी कर्मचारियों की तैनाती करेगी। उन्होंने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे जापान के जल क्षेत्र की रक्षा के लिए सख्त और अहिंसक कदम उठाना चाहते हैं। हमारा देश स्वायत्तता पर होने वाले किसी हमले को हल्के में नहीं लेगा। चीन ने जापान के एक वरिष्ठ अधिकारी के इस बयान पर काफी कड़ा रूख अख्तियार किया है और कहा है कि चीन किसी भी भडाकाऊ कृत्य हो बर्दाश्त नहीं करेगा।

ज्ञातव्य है कि पूर्वी चीन सागर में द्वीप को जापान शेनकाकू कहता है और वह उस पर अपना मालिकाना हक जताता है जबकि चीन उसे दिआयू कहता है और उस पर अपना अधिकार बताता है। पिछले साल जापान ने इस द्वीप के निजी मालिक से इसे खरीद लिया था जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई है। जापान के इस कदम के विरोध में चीन में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे।

फिलहाल चीन और जापान दोनों देश इस द्वीप पर अपना अधिकार जताने के लिए उसकी जलसीमा में अपने अपने जहाज भेजते रहते हैं। चीन के जहाजों पर जापान आपत्ति दर्ज कराता है तो जापान के जहाजों पर चीन विरोध व्यक्त करता है। दोनों देशों के बीच विवाद के कारण बने इस द्वीप के कारण दो विश्व आर्थिक शक्तियों के बीच तनाव गहराता चला जा रहा है जिससे यह आशंका होने लगी है कि किसी दिन यह संघर्ष हिंसक रूप न ले लगा।


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