तारों के बीच सैर करने वाला पहला यान 'वॉयेजर 1'

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Friday, September 13, 2013-5:26 PM

वाशिंगटन: छत्तीस साल पहले रवाना किया गया नासा का अंतरिक्ष यान ‘वॉयेजर 1’ तारों के बीच अंतरिक्ष में सैर करने वाला मानव निर्मित पहला यान बन गया है, जो अब सूर्य से 19 अरब किलोमीटर की दूरी पर है। नासा ने कल एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नया एवं अभूतपूर्व डाटा संकेत देता है कि ‘वॉयेजर 1’ करीब एक साल से तारों के बीच अंतरिक्ष में वर्तमान में मौजूद प्लाज्मा या आयनित गैस के जरिए यात्रा कर रहा है।

कैलिफोर्निया इंस्टिटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी आधारित वॉयेजर परियोजना से जुड़े वैज्ञानिक एड स्टोन ने कहा, ‘अब हमें नया, महत्वपूर्ण डाटा मिला है, हमारा मानना है कि यह तारों के बीच अंतरिक्ष में मानव जाति की ऐतिहासिक छलांग है।’ उन्होंने कहा, ‘वैज्ञानिक नहीं जानते कि वॉयेजर तारों के बीच अंतरिक्ष के अबाधित क्षेत्र में कब पहुंचेगा जहां सूर्य का कोई प्रभाव नहीं है।’

वॉयेजर, सोलर बबल के ठीक बाहर ट्रांजीशनल क्षेत्र में है जहां सूर्य के कुछ प्रभाव अब भी मौजूद हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा की प्लाज्मा वेव साइंस टीम के साथ नए विश्लेषण कार्य का नेतृत्व करने वाले डोन गुरनेट ने कहा, ‘जब हमने अपने डाटा में ये नई चीजें देखीं तो हम अपनी सीटों से उछल पड़े, जिनमें दिखा कि अंतरिक्ष यान पूरी तरह एक नए क्षेत्र में था।’ साइंस पत्रिका में इस बारे में एक रिपोर्ट छपी है।


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