सीने पर गोली खाकर की मां की रक्षा

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Tuesday, September 24, 2013-2:16 PM

नैरोबी: प्रम्सू की आयु तो सिर्फ आठ वर्ष थी, लेकिन उसमें गजब की हिम्मत थी, इसी लिए जब आतंकियों ने गोलियां बरसानी शुरू की तो वह मां के सामने खड़ा हो गया और अपने सीने पर गोली खा ली। मासूम की जान लेने के बाद भी आतंकियों ने फायरिंग नहीं रोकी। प्रम्सू की मुक्ता और बहन पूर्वी भी गोली लगने से घायल हैं। नैरोबी से प्रम्सू के पिता मनोज कुमार जैन अमर उजाला से फोन पर यह बताते हुए रो पड़े।

वह नैरोबी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में चीफ मैनेजर हैं। वह पहले इंदौर में तैनात थे और दो महीने पहले ही वह नैरोबी गए थे। यूपी के बाहुबली कॉलोनी निवासी जीवन लाल शास्त्री के पुत्र मनोज ने कहा कि  आतंकी हमले के वक्त वह बैंक में काम कर रहे थे।  उनकी पत्नी मुक्ता, पुत्री पूर्वी (13) और पुत्र प्रम्सू (8)और बैंक में उनकी सहकर्मी मालती शॉपिंग करने मॉल गईं थीं। जैसे उनकी पत्नी और बच्चे मॉल में दाखिल हुए पीछे से आतंकवादी घुस आए।

आतंकियों ने वहां मौजूद एक खास समुदाय के लोगों को बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, कुछ लोगों से एक भाषा पढ़वाई, जो लोग इसे नहीं पढ़ सके, उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।  फायरिंग के समय पीछे खड़ा प्रम्सू अचानक अपनी मां के सामने आ गया और   आतंकियों की गोली मासूम के सीने में लग गई। बेटे को लेकर भागते मुक्ता के कंधे व पुत्री पूर्वी के पैर में आतंकवादियों की गोली लगी। मुक्ता दोनों बच्चों को सीने से लगाए एक घंटे तक मॉल में छुपी ही रही।

सुरक्षा कर्मियों की सहायता से उन्हें निकाल कर पार्कलैंड स्थित एमपी शाह अस्पताल भिजवाया गया, जहां प्रम्सू को मरा हुआ बता दिया गया। मुक्ता और पूर्वी को लगी गोली ऑपरेशन करके निकाल ली गई है।  इस परिवार को मॉल में ले जाने वाला नैरोबी निवासी कार चालक डेविड भी आतंकी हमले में मारा गया। प्रम्सू की मौत की खबर सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की इंदौर शाखा में पहुंची। बैंक अधिकारियों ने तुरंत इसकी जानकारी इंदौर निवासी मनोज जैन के भाई राजेश जैन को दी। प्रम्सू के दादा जीवन लाल शास्त्री के अनुसार, शासन स्तर से इस दुखद घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई।

25 को ललितपुर आएगा प्रम्सू का पार्थिव शरीर

25 सितंबर को प्रम्सू का पार्थिव शरीर ललितपुर लाया जाएगा। यहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मनोज जैन ने बताया कि मंगलवार को वे फ्लाइट से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से इंदौर जाएंगे। इंदौर से एंबुलेंस से ललितपुर पहुंचेंगे।

पढऩे में तीव्र और होशियार था प्रम्सू

प्रम्सू के दादा ने बताया कि मेरा पोता पढऩे में तेज था, फर्राटे से अंग्रेजी बोलता था। यह देख बुढ़ापे में भी सीना चौड़ा हो जाता था। वह बेहद होनहार था। शायद उसकी यह खूबियां भगवान को रास नहीं आई, तभी तो उसे हमसे छीन लिया।  यह दुख भरी घटना की सूचना पर प्रम्सू के दादा जीवन लाल शास्त्री और दादी सुशीला अधूरी तीर्थयात्रा छोड़कर घर लौटे उन्हें सांत्वना देने वालों की आंखें भी भर आई थीं।

केंद्रीय मंत्रियों ने संवेदना जताई

सोमवार को बाहुबली नगर स्थित प्रम्सू के घर पर संवेदना जताने वालों की भीड़ लगी रही। सुबह करीब दस बजे ललितपुर दौरे पर आए मानव संसाधन मंत्री डॉ. एमएम पल्लम राजू व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने जीवन लाल शास्त्री से मिल कर संवेदना जताई।


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