अल्पसंख्यकों पर हमला इस्लाम विरुद्ध : पाकिस्तानी उलेमा

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Tuesday, September 24, 2013-4:32 PM

इस्लामाबाद:  पाकिस्तान के उलेमाओं ने अल्पसंख्यकों पर हमले को इस्लाम विरुद्ध बताया है और कहा है कि इस्लाम गैर मुस्लिम धर्मस्थलों पर बिना वजह हमले करने की इजाजत नहीं देता। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पाकिस्तान के पेशावर में एक चर्च के नजदीक हुए दो बम विस्फोटों के दो दिन बाद पाकिस्तान के उलेमाओं ने ये बातें कही। रविवार की प्रार्थना के दौरान हुए हमले में लगभग 80 लोगों की मौत हो गई और अन्य लगभग 130 व्यक्ति घायल हो गए।

पाकिस्तानी उलेमाओं की परिषद के अध्यक्ष अल्लामा ताहिर अशरफी ने मंगलवार को कहा, ‘‘पाकिस्तान में सभी धर्मगुरुओं का मानना है कि ये हमले इस्लाम विरुद्ध हैं,क्योंकि इस्लाम धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों पर हमले की इजाजत नहीं देता।’’अशरफी ने कहा कि कुछ आतंकवादी अपनी हिंसक गतिविधियों से इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों ने ईसाइयों के साथ एकजुटता व्यक्त की है और वे घटनास्थल और अस्पतालों में उनसे मिलने गए और उनके साथ मृतकों के अंतिम संस्कार में भी हिस्सा लिया।

जुंदुल्लाह नामक एक प्रतिबंधित संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, संगठन के प्रवक्ता अहमद मारवात ने कहा है कि ये हमले पाकिस्तान के कबायली इलाकों में अमेरिका द्वारा किए गए ड्रोन हमलों के बदले के रूप में किए गए। मारवात ने अमेरिका द्वारा ड्रोन हमले न रोके जाने पर आगे भी ऐसे हमले करने की चेतावनी दी है। विभिन्न विचारधाराओं वाले कई वरिष्ठ उलेमाओं ने सरकार से ईसाइयों की हत्या में शामिल लोगों को शांति वार्ता में न बुलाने का आग्रह किया है।

मुफ्ती तकी उस्मानी, अब्दुल रज्जाक, मौलाना समीउल्लाह और मौलाना मुफ्ती रफी उस्मानी जैसे देवबंदी पंथ के प्रतिष्ठित उलेमाओं ने सोमवार को फतवा जारी कर कहा कि ऐसी हरकतें इस्लामा की शिक्षा और मुहम्मद के वचनों के विरुद्ध हैं।


 


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