भारतीय-अमेरिकी कवि 'कावानाघ' काव्य पुरस्कार से सम्मानित

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Sunday, September 29, 2013-1:34 PM

हॉस्टन: भारतीय-अमेरिकी रफीक कथवाड़ी को 2013 'पैट्रिक कावानाघ' काव्य पुरस्कार के लिए चुना गया है और इसके साथ ही वह यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जो आयरलैंड के निवासी नहीं हैं। रफीक कथवाड़ी के 20 अप्रकाशित कविताओं के संग्रह ‘इन अनदर कंट्री’ को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए देशभर के 112 उम्मीदवारों में से चुना गया है। कावानाघ पुरस्कार अंग्रेजी के अप्रकाशित संग्रह के लिए दिया जाता है और यह आयरलैंड में पैदा हुए, यहां की नागरिकता प्राप्त लोगों या आयरलैंड में लंबे समय से रह रहे लोगों को दिया जाता है।

कथवाड़ी यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जो आयरलैंड के निवासी नहीं हैं और उन्हें पुरस्कार राशि के तौर पर 1000 यूरो दिए जाएंगे। कथवाड़ी ने कहा कि वह आश्र्यचकित हैं और यह पुरस्कार आयरलैंड के नए बहुसंस्कृतिवाद का स्पष्ट प्रतीक है। वह पिछले 30 वर्षों से कविताएं और लेख लिख रहे हैं। उन्होंने अल्लामा इकबाल की चयनित उर्दू शायरी का अनुवाद किया है। उनकी अधिकतर कविताएं कश्मीर में ‘मासूमियत के खोने’ और उनकी मां की दीर्घकालीन बीमारी से प्रेरित हैं।





 


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