चीन के साथ मिलकर मिसाइल विकसित करेगा तुर्की

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Thursday, October 03, 2013-2:39 PM

अंकारा: तुर्की अब चीन के साथ मिलकर प्रक्षेपास्त्र रोधी प्रणाली का विकास करेगा। तुर्की के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता मुराद बयार ने आज यह जानकारी दी। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार तुर्की के साथ इस राजनीतिक समझौते में चीन की चाइना प्रीसिसन मशीनरी इम्पोर्ट एण्ड एक्सपोर्ट कार्य (सीपीएमआईइसी) ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद सबसे कम बोली लगाकर तुर्की से यह अनुबंध 3.44 अरब डॉलर में हासिल किया है। इस पर जल्दी ही हस्ताक्षर होने की संभावना है।

तुर्की उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटों) का सदस्य देश है और चीन की किसी कंपनी द्वारा नाटो सदस्य के साथ यह पहली रणनीतिक सांझेदारी है। अमेरिका ने तुर्की द्वारा चीन के साथ रणनीतिक सहयोग पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी गंभीर चिंता जाहिर की। प्रवक्ता ने अमेरिकी चिंताओं को दरकिनार करते हुए कहा कि चीन के साथ नाटों की किसी सूचना को तुर्की सांझा नहीं करेगा। प्रवक्ता के अनुसार अगर अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए तो मिसाइल रक्षा प्रणाली का उत्पादन अगले छह महीनों में शुरू कर दिया जाएगा। उत्पादन सयंत्र तुर्की में लगाए जाएंगे।

तुर्की के इस कदम से नाटों देश में खलबली मची हुई है। उन्हें नाटो में चीनी घुसपैठ तथा क्षेत्रीय सुरक्षा में ड्रैगन की सेंध लगती नजर आ रही है। नाटो के देश तुर्की के फैसले को इस क्षेत्र में शस्त्रों की होड़ को बढ़ाने वाला कदम मान रहे हैं। तुर्की की इस मिसाइल रक्षा प्रणाली की प्रतिस्पर्धा में अमेरिका, रूस, चीन तथा यूरोपीय कंपनियों ने हिस्सा लिया था।


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