मलाला को जिंदा नहीं छोडेंगेः तालिबान

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Tuesday, October 08, 2013-6:02 AM

मीरनशाहः पाकिस्तान के कबायली इलाकों में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) पाकिस्तान ने मलाला यूसूफजई पर हमले करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष नोबेल के शांति पुरस्कार के दौड में शामिल पाकिस्तानी बच्ची पर तहरीक-ए-तालिबान ने मौका मिलने पर जान से मारने की योजना बनाई है।

पाकिस्तान की 16 वर्षीय मलाला यूसूफजई ने विश्वभर में शिक्षा का अलख जगाने में लगी है। बीबीसी उर्दू सेवा के लिए अपनी डायरी गुल मकई के जरिए मलाला ने स्वात घाटी में तालिबान के अत्याचारों को दुनिया के सामने रखा था। उटीटीपी के प्रवक्ता शाहिदुल्ला शाहिद ने कहा कि वह मलाला की जान नहीं बख्शेंगे।

प्रवक्ता ने कहा कि मलाला बहादुर लडकी नहीं है, उसे साहस नहीं हमें जब भी मौका मिलेगा हम उसे मार देंगे। पाकिस्तान की बहादुर लडकी मलाला पर तालिबान ने पिछले साल नौ अक्टूबर को जानलेवा हमला किया था। जबकि मलाला ने तालिबान के इन धमकियों की परवाह किए बगैर पाकिस्तान वापस लौटने तथा यहां कार्य करने की इच्छा जताई है।


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