आतंक के राक्षस को खत्म करने के लिए सख्ती की जरूरत: जेटली

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Thursday, October 10, 2013-8:57 AM

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने दोहराया है कि आतंकवाद एक भयानक राक्षस की भांति है। इस लड़ाई को खत्म करने के लिए पूरी दुनिया को सख्त होना होगा और ऐसे समूहों से निपटने में चुनाव नहीं होना चाहिए। यह समूह दुनिया में कहीं भी, किसी कौने में हों, उन्हें उखाड़ फेंकना होगा। आतंकवाद से निपटने के तरीकों पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में आयोजित विशेष सत्र में राज्यसभा में विपक्ष नेता अरुण जेटली ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए आतंकवादी आत्मघाती हमले कर रह हैं। चरमपंथियों से निपटने के लिए हमें एक सोच रखनी पड़ेगी।

अपने हितों के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकवाद और उसकी सुरक्षित पनाहगाहों पर अलग-अलग नजरिया नहीं अपना सकता। वैश्विक ताकतों को ऐसे देशों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल जेटली के साथ विशेष सत्र में हिस्सा लेने संयुक्त राष्ट्र पहुंचा है। जेटली ने कहा कि जब तक आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम न उठाए जाने पर यह राक्षस अलग-अलग जगहों पर हमला करता रहेगा। हमें आतंकियों को बर्दाश्त ही नहीं करना चाहिए। दुनिया के सामने इस समय यह सबसे बड़ी चुनौती और सवाल यही है।

उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत उन सभी देशों की निंदा करता है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवादियों का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को एक एजेंडा बनाकर आगे बढऩा होगा। आतंकवाद एक राक्षस है। यदि कोई इस तलवार का इस्तेमाल करेगा तो चोट खाने का जोखिम भी रहेगा। भारत 25 वर्षों से लगातार इस राक्षस के विरूद्ध लड़ रहा है। अलकायदा, तालिबान, लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा के अतिरिक्त ऐसे कई सारे संगठन केवल दुनिया की शांति और स्थायित्व को चोट पहुंचा रहे हैं।
    


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