भारत ने आईएमएफ कोटा सुधारों को जल्द पूर्ण किए जाने पर जोर दिया

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Sunday, October 13, 2013-10:23 AM

वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) तथा विश्व बैंक में कोटा तथा कामकाज के संचालन सुधारों में विलंब पर भारत ने चिंता जताई है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि इससे इन संस्थानों की विश्वसनीयता, वैधता तथा दक्षता प्रभावित हो रही है। आईएमएफ की समिति की सालाना पूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कल कहा, ‘‘हम इस बात से निराश हैं कि कोटा तथा गवर्नेंस सुधारों की 2010 की समय सीमा का अनुपालन नहीं हो पाया। एक साल बीतने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि हम अंतिम तौर पर इसे कब हासिल कर पाएंगे।’’

वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि सदस्य देशों को यह नहीं भूलना चाहिए कि आईएमएफ अनिवार्य रूप से कोटा आधारित संगठन है। उन्होंने कहा, ‘‘14वीं कोटा समीक्षा के अनुमोदन के अभाव तथा उसकी मौजूदा प्रतिबद्धताओं व भविष्य की संभावित जरूरत के मद्देनजर उसे एनएबी व अन्य द्विपक्षीय संसाधनों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना पड़ रहा है।’’ चिदंबरम ने जोर देकर कहा कि कामकाज के संचालन व कोटा सुधार आईएमएफ की विश्वसनीयता, वैधता तथा दक्षता के लिए जरूरी हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि आईएमएफ को जल्द से जल्द 2010 के आईएमएफ कोटा व गवर्नेंस सुधारों को पूरा करना चाहिए। इसके अलावा उसे कोटा की 15वीं सामान्य समीक्षा को पूर्ण करने के साथ जनवरी, 2014 तक नए कोटा फार्मूला को अंतिम रूप देना चाहिए। एक अलग संबोधन में चिदंबरम ने कहा कि आईएमएफ व विश्व बैंक के सुधार लंबे अरसे से लंबित हैं।


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