Subscribe Now!

कुर्बानी की परंपरा के साथ हज का हुआ समापन

  • कुर्बानी की परंपरा के साथ हज का हुआ समापन
You Are HereInternational
Wednesday, October 16, 2013-2:19 AM

जेद्दा: एक लाख से अधिक भारतीयों सहित दस लाख से अधिक मुसलमानों ने वार्षिक हजयात्रा के समापन के तौर पर मीना की घाटी में शैतान पर सांकेतिक रूप से कंकड मारे और कुर्बानी दी। शैतान का प्रतिनिधित्व कर रहे सीमेंट के खंभों पर पत्थर मारने के लिए वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे।

पत्थर मारने का यह रिवाज तड़के ही शुरू हो गया था। बिना सिले हुए कपड़े पहने लोग पूरे दिन कंकड़ मारते रहे। कंकड़ मारने की रिवाज के बाद श्रद्धालुओं ने पशुओं की कुर्बानी दी जो पैगंबर इब्राहिम की अपने एकमात्र बेटे को इस्माइल को अल्लाह के लिए कुर्बानी देने की इच्छा की स्मृति मे दी जाती है।

कहा जाता है कि हजरत इब्राहिम अल्लाह के आदेश पर जब अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने जा रहे थे तब शैतान ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी। उसी की याद में यह रस्म अदा की जाती है। कल माउंट अराफात में नमाज अदा करने के बाद श्रद्धालु मीना की घाटी की परंपरा पूरी करने के लिए पत्थर इकट्ठा करने हेतु समीप के मुजदालिफा गए जो मक्का के बाहरी इलाके में स्थित है।

आज सुबह वे पत्थर मारने के लिए मीना में जमा हुए। इस स्थान पर पहले ही भगदड़ की घटना हो चुकी है। इस समस्या से निजात पाने के लिए सउदी प्रशासन ने कंकड़ मारने के स्थान का क्षेत्रफल बढ़ा दिया है। इस साल 15 लाख लोग हजयात्रा कर रहे हैं जिनमें 10,00,200 भारतीय हैं।

अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन

Recommended For You