चीन ने मनमोहन सिंह के दौरे को बड़ी सफलता बताया

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Thursday, October 24, 2013-9:33 PM

बीजिंग: चीन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एक जाने माने राजनेता के तौर पर प्रशंसा करते हुए उनके तीन दिवसीय दौरे को आज ‘बड़ी सफलता’ करार दिया और कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता को लेकर सकारात्मक और मजबूत संदेश गया है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने सकारात्मक और मजबूत संदेश भेजा है कि दोनों देश मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं।’’

उन्होंने यहां कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सिंह के साथ शिरकत की। यांग ने सिंह के चीन दौरे को बड़ी सफलता करार देते हुए कहा, ‘‘एक बार फिर मैं उन्हें (सिंह) उनके दौरे की बड़ी सफलता के लिए बधाई देता हूं।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन-भारत संबंधों में आगे और निखार आएगा तथा यह दोस्ती हमेशा के लिए होगी। चीनी विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने बेहतरीन और ठोस भाषण दिया जो उनके एक जानेमाने राजनेता के रूतबे मुताबिक था।’’

कम्युनिस्ट पार्टी के स्कूल में सिंह का भव्य स्वागत किया गया। स्कूल के उपाध्यक्ष हे यितिंग ने सिंह का परिचय एक अग्रणी अर्थशास्त्री तथा भारतीय आर्थिक सुधारों के जनक के तौर पर कराया। कार्यक्रम में मौजूद हेनान प्रांत के एक शहर के मेयर ने पीटीआई से कहा कि वह प्रधानमंत्री सिंह की नेकनीयती और स्पष्टवादिता से बहुत प्रभावित हुए हैं।

सिंह ने अपने संबोधन में चीन के साथ आठ क्षेत्रों में सहयोग के बारे में बात की। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) प्रधानमंत्री सिंह के दौरे का प्रमुख बिंदु है। बीडीसीए सहित कुल नौ समझौतों पर दोनों देशों ने कल हस्तक्षर किए। सिंह के दौरे के बारे में पूछे गए एक सवाल पर हुआ ने कहा, ‘‘चीन भारत सीमा रक्षा सहयोग समझौता दोनों प्रधानमंत्री की मुलाकात की मुख्य बात है।

यह दिखाता है कि दोनों देशों में अपने सीमावर्ती इलाकों में मतभेदों को दूर करने तथा शांति एवं स्थिरता बरकरार रखने की क्षमता है।’’उन्होंने कहा कि बीडीसीए दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत करने तथा सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं सौहार्द कायम करने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण रहेगा। प्रवक्ता ने कहा कि यह भी दिखाता है कि दोनों देश मित्रवत और सहयोगात्मक संबंध को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि यह समझौता इस बात पर जोर देता है कि दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सीमा पार नदियों को लेकर हुए नए समझौते के बारे में हुआ ने कहा कि चीन के संबंधित विभाग इस समझौते का कार्यान्वयन करेंगे और इस संदर्भ में संवाद तथा सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘चीन इस संदर्भ में भारत की चिंताओं को खासा तवज्जो देता है।’’


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