हद लांघ गया है अमेरिकी जासूसी कार्यक्रमः जॉन केरी

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Saturday, November 02, 2013-12:21 AM

वॉशिंगटनः अमेरिका द्वारा अपने खुफिया निगरानी कार्यक्रम को लेकर की गई एक अभूतपूर्व स्वीकारोक्ति में विदेश मंत्री जॉन केरी ने स्वीकार किया कि अमेरिकी जासूसी कार्यक्रम कुछ मामलों में बेहद आगे निकल गया।

हालांकि इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि इस खुफिया निगरानी कार्यक्रम के जरिए किसी भी निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किया गया है। केरी ने लंदन में आयोजित ओपन गवर्नमेंट पार्टनरशिप वार्षिक शिखर सम्मेलन में वीडियो लिंक के जरिए कहा कि मैं आपको आश्वासन देता हूं कि इस प्रक्रिया में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किया गया, बल्कि यह सिर्फ सूचना एकत्र करने का एक प्रयास था और हां, कुछ मामलों में यह अनुपयुक्त रूप से काफी आगे पहुंच गया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लाखों लोगों की निगरानी वाली खबर सच्ची नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कल की ही बात है, जब अखबार में खबर थी कि सात करोड़ लोगों की बातचीत सुनी गई। नहीं, यह सही नहीं है। ऐसा नहीं हुआ। केरी ने कहा कि कुछ पत्रकार अपनी इस रिपोर्टिंग में तथ्यों को काफी बढ़ा चढ़ा कर पेश कर रहे हैं। हकीकत में हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यहां कोई ऐसा खतरा तो नहीं, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की तरह मैं भी यह स्वीकार करता हूं कि कुछ कार्रवाइयां काफी आगे निकल गईं और हम यह सुनिश्चित करने जा रहे है कि भविष्य में ऐसा न हो। केरी ने कहा कि अमेरिकी और कई अन्य देशों के निगरानी कार्यक्रम काफी सफल रहे हैं और इसने कई आतंकी हमलों को रोकने में मदद की है। उन्होंने कहा कि हकीकत में हमने विमानों को नीचे गिरने से, इमारतों में विस्फोट होने से और लोगों की हत्याओं को रोका है, क्योंकि हम घटना से पहले ही इसके बारे में जान पाए।

गौरतलब है कि अमेरिका सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) द्वारा जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल सहित दुनिया भर के 35 नेताओं की बातचीत सुने जाने और उनकी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी किए जाने से जुड़े खुलासे को लेकर अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय नेताओं की आलोचना झेलनी पड़ रही है। (एजेंसी)


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