अमेरिका न तो अंधा है और न ही मूर्ख : केरी

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Monday, November 11, 2013-3:48 PM

वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर एक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा अमेरिका न तो अंधा है और न ही मूर्ख है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विश्व की प्रमुख शक्तियां ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उसके साथ समझौते के लिए गंभीर वार्ता में लगी हैं।

सुरक्षा परिषद के पांचों स्थायी सदस्यों -ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका के अलावा जर्मनी भी ईरान के साथ तीन दिन तक जेनेवा में चली वार्ता में शामिल था। वार्ता में दोनों पक्षों के बीच मतभेद तो कम हुआ, लेकिन समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्ष अब 20 नवंबर से वार्ता फिर शुरू करने पर राजी हो गए हैं।

केरी ने जेनेवा में एनबीसी के ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘यह पहली बार है जब पी5(1) ईरान की नई सरकार के साथ संभावित विकल्पों पर गंभीर चर्चा में शामिल हुआ है। यह संधि का नया प्रयास है और इसका परीक्षण बहुत ही सावधानीपूर्वक हो रहा है। हमारी सरकार के कुछ सर्वाधिक सक्षम और गंभीर विशेषज्ञ वार्ता में शामिल हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन ईरान और परमाणु हथियारों तथा परमाणु निशस्त्रीकरण तथा प्रसार के क्षेत्र में लगाया है। हम न तो अंधे हैं और न ही मूर्ख ।’’

इजरायल और कुछ कट्टर सांसद ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के विरोधी हैं। वह ईरान को कुछ प्रतिबंधों से ढील दिए जाने के खिलाफ हैं। केरी ने कहा कि अमेरिका का प्रयास ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना तथा पूर्ण समझौता होने पर उसे खत्म करना है, और इसके लिए दबाव में कोई छूट नहीं दी जा रही है। कोई भी व्यक्ति मौजूदा प्रतिबंधों को हटाने के बारे में बात नहीं कर रहा है।


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