नेपाली कांग्रेस ने बनाई बढ़त, प्रचंड पराजित

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Friday, November 22, 2013-1:17 AM

काठमांडो: नेपाल में संविधान सभा के चुनाव में माओवादी प्रमुख पुष्प कमल दहल प्रचंड को आज दोहरा झटका लगा। चुनाव में न सिर्फ उनकी पार्टी तीसरे स्थान पिछड़ गई है, बल्कि उन्हें एक सीट पर खुद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। देश की नई संविधान सभा के चुनाव के लिए हो रही मतों की गिनती के रूझान में नेपाली कांग्रेस सबसे आगे चल रही है।

सुशील कोइराला के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस (एनसी) 74 सीटों पर आगे चल रही है तो नेकपा-यूएमएल 54 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा)-माओवादी 20 सीटों पर बढ़त के साथ तीसरे स्थान पर चल रही है। आधिकारिक तौर पर 40 सीटों के नतीजों का ऐलान किया गया है। नेपाली कांग्रेस और नेकपा-यूएमएल दोनों को 19-19 सीटें मिली हैं जबकि प्रचंड की पार्टी को केवल दो सीटें मिली हैं।

मतगणना के बाद 601 सदस्यीय सभा एक नया संविधान तैयार करेगी। इस सभा के लिए 240 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान से और 335 सदस्य आनुपातिक मतदान प्रणाली से चुने जाएंगे और शेष 26 सदस्यों को सरकार नामित करेगी। नई संविधान सभा एक नया संविधान का मसौदा तैयार करेगी जिसका उद्देश्य देश के कई साल से जारी राजनीतिक अनिश्चितता और उथलपुथल को खत्म करना है।

साल 2008 में हुए संविधान सभा के चुनाव में एकीकृत नेकपा-माओवादी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी, जबकि नेपाली कांग्रेस दूसरे और नेकपा-यूएमल तीसरे स्थान पर रही थी। एनसी ने राजधानी काठमांडो की 10 में से पांच सीटें जीती हैं जबकि सीपीएन-यूएमएल ने दो सीटें हासिल की हैं। माओवादी पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘संविधान सभा के चुनाव के दौरान साजिश और असामान्य गतिविधियों के कारण मतों की गिनती का काम लोगों की उम्मीदों और विचारों के अनुसार नहीं हो सका, इसलिए हम मतगणना को स्थगित करने की मांग करते हैं।’’

पार्टी के अध्यक्ष प्रचंड को नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार राजन केसी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है। काठमांडो निर्वाचन क्षेत्र 10 से उम्मीदवार राजन को 20,392 मत मिले जबकि प्रचंड के नाम से पहचाने जाने वाले पुष्प कमल दहल को 12,852 मत ही मिले। इस सीट से चुनाव लड़ रहे तीसरे उम्मीदवार नेकपा-यूएमएल के सुरेंद्र मानंधर को 13,615 मत मिले। प्रचंड 2008 में इसी सीट से बड़े अंतर से जीते थे। उस समय राजन उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी थे।

प्रचंड सिराहा निर्वाचन क्षेत्र 5 से भी उम्मीदवार हैं जहां वह मतगणना में अब तक सबसे आगे चल रहे हैं। काठमांडो के निर्वाचन क्षेत्र-1 से प्रचंड की बेटी रेणु दहल को भी हार का मुंह देखना पड़ा। रेणु को नेपाली कांग्रेस के महासचिव प्रकाश मान सिंह ने पराजित किया।
इस बीच, मुख्य निर्वाचन आयुक्त नीलकंठ उप्रेती ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मतों की गिनती का काम ‘‘पारदर्शी तरीके से हो रहा है और यह जारी रहेगा।’’

उप्रेती ने कहा, ‘‘चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से कराया गया है। ऐसे में सभी लोगों को नतीजों को स्वीकार करना चाहिए।’’ नेपाली कांग्रेस ने एकीकृत नेकपा-माओवादी से कहा कि वह सकारात्मक भावना का परिचय दें और जनादेश का सम्मान करें। नेकपा-यूएमएल के प्रमुख झालानाथ खनल ने कहा, ‘‘माओवादी प्रमुख ने खुद शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने का स्वागत किया था। अब अचानक मतगणना का बहिष्कार करने और जनादेश का अनादर करने का फैसला किया, जो गलत कदम है।’’


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