बाली में भारत की जीत, खाद्य सुरक्षा योजना को खतरा नहीं : शर्मा

  • बाली में भारत की जीत, खाद्य सुरक्षा योजना को खतरा नहीं : शर्मा
You Are HereNational
Saturday, December 07, 2013-7:48 AM

नूसा दुआ: डब्ल्यूटीओ वार्ता पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि भारत के लिए यह एक बड़ा दिन है और मैं बहुत खुश हूं। शर्मा ने हालांकि, संवाददाताओं से कहा, 'हम खाद्य सुरक्षा मुद्दे पर अपने रुख पर कायम हैं।' सूत्रों ने कहा कि अपने खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को लेकर जुर्माने से छूट की भारत की मांग को कृषि पर समझौते (एओए) के नवीनतम मसौदे में शामिल किया गया है।

एओए के मसौदा पाठ के अनुसार सदस्यों ने खाद्य सुरक्षा उद्देश्य के लिए सार्वजनिक भंडारण के संबंध में अंतिम समाधान निकलने तक अंतरिम प्रणाली पर सहमति जताई है।

डब्ल्यूटीओ के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में यह संभावित सहमति एजेवेदो द्वारा गतिरोध समाप्त करने के लिए देर रात बुलाई गई बैठक के बाद बनती दिख रही है। यह महत्वपूर्ण बैठक तड़के सुबह तक जारी रही जिसमें शर्मा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि माइकल फोर्मेन तथा इंडोनेशियाई व्यापार मंत्री गीता वीर्यवान मौजूद थे।

एजेवेदो ने भारत के कड़े रुख को देखते हुए शर्मा के साथ 90 मिनट तक अलग से भी बैठक की। भारत का कहना है कि खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को लेकर वह कोई समझौता नहीं कर सकता। सूत्रों का कहना है कि भारत के कड़े रुख का परिणाम आया है और विकसित देश  मुद्दों से निपटने में लचीला रुख अपनाने की उसकी मांग मानने को तैयार होते दिख रहे हैं।

अमेरिका तथा यूरोपीय संघ सहित अन्य विकसित देश भारत से 'शांति उपबंध' स्वीकार करने को कह रहे थे जिसमें कृषि सब्सिडी के 10 प्रतिशत से अधिक होने की स्थिति में भी जुर्माने पर चार साल की छूट की पेशकश की गई है।

वहीं, दूसरी ओर भारत तथा अन्य विकासशील देश चाहते हैं कि इस मुद्दे के स्थायी समाधान तक 'शांति उपबंध' यानी जुर्माने से मोहलत की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।

शर्मा कल तक यह कर रहे थे कि किसी खराब समझौते से अच्छा है कि कोई समझौता ही नहीं हो। अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत को दक्षिण अफ्रीका से कृषि से जुड़े मुद्दों पर समर्थन मिला।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You