'अरबों काला धन भेजा गया विदेश'

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Thursday, December 12, 2013-2:42 PM

वाशिंगटन: कालाधन विदेश भेजने के मामले में भारत 2002-11 के बीच पांचवां सबसे बड़ा देश रहा। वॉशिंगटन स्थित वित्तीय अनुसंधान संगठन की रपट के अनुसार इस दौरान भारत से कुल 343.04 अरब डालर कालाधन विदेश भेजा गया। रपट के अनुसार केवल 2011 में ही देश से 84.93 अरब डालर की काली कमाई बाहर भेजी गयी। वर्ष के दौरान देश इस मामले में तीसरे स्थान पर रहा।
 
(इलिसिट फाइनेंशियल फ्लोज फ्रॉम डेवलपिंग कंट्रीज (2002-2011) यानी विकासशील देशों से अवैध धन का प्रवाह) 2002-2011 में कहा गया है कि 2011 में विकासशील देशों से अपराध, भ्रष्टाचार, और करापवंचन के जरिये 946.7 अरब डालर का धन विदेशों में चला गया। यह 2010 की तुलना में 13.7 प्रतिशत अधिक है। ग्लोबल फाइनेंशियल इंटिग्रिटी (जीएफआई) द्वारा कल प्रकाशित इस ताजा रपट के अनुसार 2002-11 के दौरान विकासशील देशों से 5,900 अरब डालर काली कमाई विदेश भेजी गयी। जीएफआई वॉशिंगटन का अनुसंधान और प्रचार संगठन है।

जीएफआई के अध्यक्ष रेमंड बेकर कहा, ‘‘जहां एक ओर विश्व अर्थव्यवस्था वैश्विक वित्तीय संकट के चलते हिचकोले खा रही थी, वहीं काली कमाई की दुनिया खूब फल-फूल रही थी। इस दौरान साल दर साल विकासशील देशों से उत्तरोत्तर अधिक काला धन बाहर भेजा जाता रहा है।’’बेकर ने कहा कि अकेले 2011 में ही गरीब देशों से करीब 1,000 अरब डालर की काली कमाई विदेशों में भेजी गयी। उन्होंने कहा कि इसके लिए, ‘‘बेनामी, छद्म कंपनियों, काले धन के पनाहगाहों तथा व्यापार के जरिये मनी-लांड्रिंग की तिकड़मों का इस्तेमाल किया गया। ’’


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