स्नोडेन के खुलासों के बाद NSA ने सख्त किए कायदे

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Sunday, December 15, 2013-5:32 AM

फोर्ट मीडः अपने अंतरराष्ट्रीय निगरानी कार्यक्रमों के खुलासे के बाद सुर्खियों में आई अमेरिकी खुफिया एजेंसी एनएसए को व्हीसल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने ऐसा करारा झटका दिया है कि आज तक वह इसकी भरपाई करने में जुटी है।

एनएसए के करतूतों के बारे में स्नोडेन के खुलासों ने एजेंसी की छवि एक ऐसी संस्था के रूप में कर दी जिसने अमेरिका के मित्र राष्ट्रों और राष्ट्राध्यक्षों को भी अपने जाल में फंसाया और उनकी जासूसी की। इसी छवि को सुधारने की कोशिश के तहत पहली बार एनएसए ने फोर्ड मीड स्थित अपने अति सुरक्षित मुख्यालय में मीडिया को आने की अनुमति दी और स्नोडेन के खुलासों के मामले को संभालने वाले अधिकारी रिचर्ड लेजेट ने दुनिया के सामने एजेंसी का पक्ष रखा।

रिचर्ड लेजेट ने अपने एक घंटे के साक्षात्कार के दौरान स्नोडेन, उसके खुलासों, खुलासों के खतरों और एजेंसी द्वारा उठाए गए सुरक्षात्मक कदमों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्नोडेन ने 17 लाख गुप्त दस्तावेज एजेंसी के कंप्यूटर से डाउनलोड किए। इनमें से अति गोपनीय दस्तावेजों को स्नोडेन ने अभी सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन दस्तावेजों का स्नोडेन के पास होना एनएसए के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है।

उन्होंने हालांकि इस बात पर जोर दिया और कहा कि एजेंसी का निगरानी  कार्यक्रम बिल्कुल गलत नहीं है। उन्होंने एजेंसी के जासूसी कार्यक्रमों का समर्थन करते हुए कहा कि स्नोडेन के खुलासे से एजेंसी के निगरानी कार्यक्रम में कोई बाधा नहीं आई है। एजेंसी अब भी पहले की तरह आंतकवादी षडयंत्रों के बारे में जानकारियां इकट्ठा करने में जुटी है। एजेंसी अब भी विकोडीकरण करने वाले युवाओं, भाषविदों और कंप्यूटर के जानकारों को काम पर रख रही है। लेकिन जहां विश्वास होता है वहां धोखा खाने की संभावना भी होती है इसीलिए अब पहले से अधिक सतर्क हैं।


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