अमेरिका ने स्वीकारा, कपड़े उतारकर ली थी देवयानी की तलाशी

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Wednesday, December 18, 2013-6:35 PM

वाशिंगटन: वरिष्ठ राजनयिक देवयानी खोबरागडे की गिरफ्तारी मामले पर भारत की तरफ से बढते दवाब के बीच अमेरिका ने कहा कि वह मामले के तथ्यों पर गौर कर रहा है। जबकि, अमेरिकी मार्शलों ने आज स्वीकार किया कि ‘मानक प्रक्रिया’ के तहत उनकी कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई थी।

विदेश विभाग की प्रवक्ता मैरी हर्फ ने कहा, ‘हम जानते हैं कि यह भारत में कईयों के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है। इस गिरफ्तारी को लेकर हम इन तथ्यों पर हम गौर कर हैं कि क्या उचित प्रक्रिया का पालन किया गया और शिष्टाचार का पालन हुआ।’ उनका यह बयान वीजा धोखाधड़ी के आरोप में पिछले सप्ताह खोबरागडे की गिरफ्तारी और उनके साथ बदसलूकी के जवाब में भारत की तरफ से उठाए गए कदमों के बाद आया है। 39 वर्षीय अधिकारी की शर्मनाक तरीके से कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें नशा करने वालों के साथ रखा गया। उसी दिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

मैरी ने भारत के कड़े रख के बाद स्थिति को संभालने की कोशिश के तहत कहा, ‘हालांकि यह कानून प्रवर्तन का मामला है और इसमें मानक प्रक्रियाओं एवं आधिकारिक कानून प्रवर्तन प्रणालियों के माध्यम से काम किए जाने की जरूरत है, हम साझेदारी और सहयोग की उस भावना के तहत इस मामले पर भारत के साथ काम करना जारी रखेंगे जो हमारे विस्तारित द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है।’ 1999 के बैच की आईएफएस अधिकारी देवयानी को 12 दिसंबर को विदेश मंत्रालय के राजनयिक सुरक्षा ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था और फिर उन्हें अमेरिका मार्शल्स सर्विस (यूएसएमएस) को सौंप दिया गया था। देवयानी को उस समय हिरासत में लिया गया था जब वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थीं। उन्हें बाद में 2,50,000 डॉलर की जमानत पर रिहा किया गया था।

यूएसएमएस ने इस बात की पुष्टि की कि देवयानी की उसी तरह कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई जिस तरह गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की ली जाती है। यूएसएमएस की प्रवक्ता निक्की क्रेडिक बैरेट ने कहा, ‘तलाशी के प्रकार के बारे में मैं केवल यह पुष्टि कर सकती हूं कि उनकी उन्हीं प्रक्रियाओं के तहत तलाशी ली गई जिनके तहत न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के सामान्य कारागार में यूएसएमएस द्वारा गिरफ्तार अन्य लोगों की तलाशी ली जाती है।’ यूएसएमएस प्रवक्ता ने नशा करने वालों के साथ राजनयिक को जेल में रखने के बारे में कहा, ‘गिरफ्तार (देवयानी) को उन अन्य महिला प्रतिवादियों के साथ रखा गया जो अदालत में सुनवाई का इंतजार कर रही थीं।’

हालांकि उन्होंने राजनयिक की गिरफ्तारी पर कोई दृष्टिकोण स्पष्ट करने से इनकार कर दिया और कहा कि यूएसएमए गिरफ्तारी करने वाली एजेंसी नहीं है और उनकी गिरफ्तारी के औचित्य के संबंध में कोई रख अख्तियार नहीं करती है। निक्की ने कहा, ‘ यूएसएमएस ने देवयानी खोबरागड़े को हिरासत में लेने की समीक्षा की है और यह तय किया है कि यूएसएमएस, न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट ने देवयानी की हिरासत की प्रक्रिया में यूएसएमएस पॉलिसी डायरेक्टिव्स एंड प्रोटोकॉल्स के अनुसार काम किया।’ देवयानी के अटार्नी (वकील) का कहना है कि अपने राजनयिक दर्जे के कारण उन्हें मुकदमे से छूट हासिल है और जो हुआ वह अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल की असफलता है।

उनके वकील डेनियल एन अर्शहाक ने कहा, ‘अपने राजनयिक दर्जे के कारण देवयानी को मुकदमे से छूट मिली हुयी है। यह पूरा अभियोजन फैसले में बेहद गंभीर भूल दर्शाता है और यह अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल की शर्मनाक असफलता है।’ उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि मामले को जल्द राजनयिक और भारतीय तथा अमेरिकी सरकार के उच्चतर स्तर के प्राधिकार द्वारा हल कर लिया जाएगा और एक गलत अभियोजन जारी रखना दोनों देशों के आपसी हितों के लिए ठीक नहीं होगा। अमेरिकी प्रशासन की ओर से देवयानी के साथ हुए व्यवहार पर अर्शहाक ने कहा कि उनकी बेटी के स्कूल के सामने सड़क पर गिरफ्तारी करने और कपड़े उतारकर तलाशी लेने की कोई वजह ही नहीं है। (एजेंसी)


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