अपने मामले को नजरअंदाज किए जाने से परेशान है नौकरानी संगीता

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Thursday, December 19, 2013-4:20 PM

न्यूयार्क: देवयानी खोब्रागडे द्वारा नियुक्त की गई घरेलू सहायिका के वकील ने कहा है कि यह निराशाजनक और हताश करने वाला है कि इस मामले का केंद्र बिंदु उनकी मुवक्किल के खिलाफ किए गए अपराधों से हटकर भारतीय महिला राजनयिक पर जाकर ठहर गया है।

पीड़ित सहायता एजेंसी सेफ होराइजन में मानव तस्करी कार्यक्रम विरोधी स्टाफ अटार्नी डाना सुसमैन ने कहा, ‘‘इसे देखकर हताशा और निराशा है कि मीडिया और अधिकारियों ने इस कहानी का रूख अपनी पसंद के अनुसार मोड़ दिया है।’’ सुसमैन भारतीय महिला संगीता रिचर्ड की वकील हैं, जिसे देवयानी ने घरेलू सहायिका और बच्चे की आया के रूप में रखा था।

सेफ होराइजन में मानव तस्करी विरोधी कार्यक्रम के वरिष्ठ निदेशक ऐवालो लेनिंग ने बताया कि पीड़िता और अन्य वकील परेशान हैं कि इस मामले में अपराध को नजरअंदाज किया जा रहा है। मुख्य ध्यान अपराध पर होना चाहिए न कि अपराधी को बचाने पर। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि रिचर्ड के व्यवहार के बारे में भारतीय अधिकारी क्या कह रहे हैं। न्यूयार्क में भारत की उप महावाणिज्य दूत के खिलाफ लगाए गए आरोप ‘‘खुद अपनी कहानी बता रहे हैं।’’

सुसमैन ने कहा,  ‘‘यह मामला देवयानी द्वारा संघीय सरकार से झूठ बोलने और उसके वेतन के बारे में है, जो उसे अपनी घरेलू सहायिका को देना चाहिए था। देवयानी ने उस वेतन का भुगतान नहीं किया, मेरे मुवक्किल को कम वेतन दिया और उसे बहुत अधिक समय तक काम करना पड़ा। वह काफी समय से देवयानी के लिए काम कर रही थी और अंतत: उसने फैसला किया कि वह स्थिति को और अधिक बर्दाश्त नहीं कर सकती ।’’ इतना ही नहीं देवयानी ने अमेरिकी सरकार को इस बारे में गलत सूचना दी।

सुसमैन ने हालांकि रिचर्ड और उसके परिवार के अते-पते, भारत में उसके खिलाफ दर्ज शिकायत और जून से उसके लापता होने के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।

उन्होंने कहा कि वह भारत में रिचर्ड के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। उनकी मुवक्किल इस समय सामने आकर मीडिया से बात नहीं करेंगी। रिचर्ड अपने लिए न्याय चाहती है और इस मामले में जो बात गायब हो रही है, वह यह है कि रिचर्ड देवयानी के खिलाफ आपराधिक मामले और संघीय जांच में एक गवाह है। रिचर्ड प्रशासन के साथ सहयोग करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि यह मामला राजनयिकों और काउंसलर अधिकारियों के घरेलू कामगारों की अच्छी खासी संख्या का एक प्रतिनिधित्व है, जो दुनियाभर से यहां विशेष वीजा पर अमेरिका आते हैं और कम वेतन का सामना करते हैं।  इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भारतीय राजनयिक खोब्रागडे को महावाणिज्य दूतावास से मिशन में भेजे जाने पर चुप्पी साध रखी है। उनमें से किसी ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की।
 

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