अंतर्राष्ट्रीय कानून के तरह हों ड्रोन हमले: संयुक्त राष्ट्र

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Friday, December 20, 2013-2:02 AM

इस्लामाबादः संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के पालन के लिए आंतकवाद-रोधी उपाय के तौर पर ड्रोन हमलों का प्रयोग करने वाले देशों के लिए एक प्रस्ताव लाने की बात कही है। एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) की खबर में गुरुवार को बताया गया है कि ड्रोन हमलों के लिए बना यह प्रस्ताव पाकिस्तान के 193 सदस्यीय निकाय के प्रयास का नतीजा है, जिसने इस मुद्दे को मानावाधिकारों से जोडऩे पर काम किया।

‘प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन राइट्स एंड फंडामेंटल फ्रीडम्स व्हाइल काउंटरिंग टेररिज्म’ नाम के 28 अनुच्छेद वाले इस प्रस्ताव में आतंकवादियों के खिलाफ रिमोट चलित विमानों के प्रयोग के विनियमन की बात बुधवार को सर्वसम्मति से की गई। महासभा ने पाकिस्तान के लक्ष्य सहित अन्य जगहों पर आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका के युद्ध के मुख्य लेकिन विवादास्पद घटक सशस्त्र ड्रोन के बारे में पहली बार कुछ कहा है।

महासभा ने रेखांकित किया कि ड्रोन अभियान के बारे में कानूनी सवाल पर सभी सदस्य देशों के बीच समझौते की तत्काल और अनिवार्य जरूरत है। प्रस्ताव में देशों से आग्रह किया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि आतंकवाद से लडऩे के लिए रिमोट पायलट लड़ाकू विमान सहित नियोजित साधन, चार्टर ऑफ यूए, मानवाधिकार कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवतावदी कानून सहित अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पालन कर रहे हैं या नहीं।’’

प्रस्ताव में विशेष दूत बेन इमर्सन की रिपोर्ट पर भी ध्यान देने को कहा गया जो कि रिमोट चालित विमानों का उपयोग करने की अन्य बातों को संदर्भित करती है और रिमोट चालित विमान अभियानों के कानूनी सवाल पर सदस्य देशों के बीच समझौते करने की त्वरित और अनिवार्य आवश्यकता सहित सिफारिशें नोट करती हैं।


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