मंडेला, प्राण, रेशमा, फारूक शेख की सिर्फ यादें ही शेष रहीं

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Sunday, December 29, 2013-1:53 PM

नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, हिन्दी फिल्मों में खलनायकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कलाकार प्राण, प्रख्यात पाकिस्तानी लोक गायिका रेशमा और मशहूर ध्रुपद गायक उस्ताद जिया फरीदुद्दीन डागर,फारूक शेख सहित कुछ जानी-मानी हस्तियां इस साल हमेशा हमेशा के लिए हमसे दूर हो गईं और पीछे छोड़ गईं अपनी कभी न खत्म होने वाली यादें.....।

नेल्सन मंडेला: दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति और वैश्विक रंगभेद विरोधी आंदोलन के प्रणेता नेल्सन मंडेला का लंबी बीमारी के बाद 6 दिसंबर को जोहानिसबर्ग में निधन हो गया। 95 वर्षीय मंडेला ने अपने जीवन के 27 वर्ष जेल में बिताए और वर्ष 1994 में देश में पहले लोकतांत्रिक चुनावों के बाद राष्ट्रपति बने।


ह्यूगो शावेज:
वेनेजुएला में 14 साल तक देश का नेतृत्व करने वाले तेजतर्रार वामपंथी नेता ह्यूगो शावेज का इस साल 5 मार्च को देहांत हो गया। तथाकथित ‘‘ऑयल डिप्लोमेसी’ को बढ़ावा देने वाले शावेज वर्ष 1999 से मृत्यु तक देश के राष्ट्रपति रहे।


माग्रेट थैचर:
ब्रिटेन की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री माग्रेट थैचर का 8 अप्रैल को 87 साल की उम्र में निधन हो गया। ‘लौह महिला’ के नाम से विख्यात थैचर 1979 से 1990 तक कंजरवेटिव पार्टी की सरकार में प्रधानमंत्री रहीं।


उस्ताद जिया फरीदुद्दीन डागर: मशहूर ध्रुपद गायक उस्ताद जिया फरीदुद्दीन डागर का 9 मई को मुंबई में निधन हो गया। प्रख्यात ध्रुपद गायक उस्ताद जियाउददीन डागर के बेटे फरीदुद्दीन ने अपने दिवंगत भाई जिया मोहिउद्दीन डागर (मशहूर रुद्र वीणा वादक) के साथ मिलकर ध्रुपद शैली के गायन को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई थी।


रितुपर्णो घोष : जाने माने फिल्म निर्माता रितुपर्णो घोष का दिल का 30 मई को दौरा पडऩे से उनके दक्षिण कोलकाता निवास में निधन हो गया। ‘उनिशे अप्रैल’ के लिए 1995 में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़े गए 49 वर्षीय घोष ने ‘दहन’, ‘असुख’ ‘चोखेर बाली’, ‘रेनकोट’, ‘बेरीवाली’, ‘अंतरमहल’ और ‘नौका डूबी’ जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन किया।

विद्याचरण शुक्ल: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता विद्याचरण शुक्ल का 11 जून को गुडग़ांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह 25 मई को छत्तीसगढ़ के बस्तर में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए नक्सली हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।


सत्यपाल डांग:
15 जून को अमृतसर में वयोवृद्ध वामपंथी नेता सत्यपाल डांग का 93 साल की उम्र में निधन हो गया।


प्राण: वयोवद्ध अभिनेता प्राण का लंबी बीमारी के बाद 12 जुलाई को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। ‘मिलन’, ‘मधुमती’, ‘जंजीर’ और ‘राम और श्याम’ जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाले 93 वर्षीय प्राण को इसी वर्ष अप्रैल में हिन्दी सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था।


अरुण नेहरु : पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान बेहद प्रभावशाली रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण नेहरु का नई दिल्ली में 25 जुलाई को निधन हो गया।


 जगदीश राज :
बॉलीवुड की विभिन्न फिल्मों में रिकार्ड 144 बार पुलिस अधिकारी का किरदार निभा चुके वरिष्ठ अभिनेता जगदीश राज का 28 जुलाई को मुंबई में 85 साल की उम्र में निधन हो गया।


दिलीप सिंह जूदेव: पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद दिलीप सिंह जूदेव (64 वर्ष) का 14 अगस्त को हरियाणा के गुडग़ांव स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।


सुष्मिता बनर्जी:
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 5 सितंबर को भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की तालिबान ने हत्या कर दी। तालिबान द्वारा पकड़े जाने और उसके शिकंजे से बच निकलने के अनुभवों पर सुष्मिता की लिखी किताब ‘काबुलीवालार बंगाली बोउ’ पर बॉलीवुड में फिल्म भी बनी थी।


मन्ना डे: प्रख्यात पार्श्र्व गायक मन्ना डे का लंबी बीमारी के बाद 24 अक्तूबर को बेंगलूर के एक अस्पताल में निधन हो गया। कोलकाता में वर्ष 1919 में जन्मे मन्ना डे ने श्रोताओं को हिन्दी और बांग्ला सहित अनेक भाषाओं में 3,500 से अधिक गीतों की सौगात दी।

 राजेन्द्र यादव: हिन्दी साहित्य में ‘नई कहानी आंदोलन’ की त्रयी में शामिल चिरपरिचित रचनाकार और ‘हंस’ के संपादक राजेन्द्र यादव का 28 अक्तूबर को नयी दिल्ली में निधन हो गया।  84 वर्षीय यादव साहित्यिक पत्रिका ‘हंस’ के संपादक थे, जिसकी स्थापना मुंशी प्रेमचंद ने 1930 में की थी। पत्रिका का प्रकाशन 1953 में बंद हो गया था, लेकिन यादव ने 31 जुलाई 1986 को इसे फिर से शुरू किया।


के.पी. सक्सेना: मशहूर व्यंगकार पद्मश्री के.पी. सक्सेना का 31 अक्तूबर को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में कैंसर से निधन हो गया। वर्ष 2000 में पद्मश्री से सम्मानित 81 वर्षीय सक्सेना ने फिल्म लगान, स्वदेश, हलचल तथा जोधा अकबर के संवाद भी लिखे थे।


रेशमा: ‘दमा दम मस्त कलंदर’ और ‘लंबी जुदाई’ जैसे गीतों को अपनी आवाज देकर भारतीय उपमहाद्वीप के संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करने वाली प्रख्यात पाकिस्तानी लोक गायिका रेशमा का 3 नवंबर को लाहौर में निधन हो गया। बंजारा परिवार में जन्मी रेशमा लंबे समय से गले के कैंसर से पीड़ित थीं।


शेफ तरला दलाल: प्रसिद्ध शेफ तरला दलाल का 6 नवंबर को मुंबई में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 77 वर्ष की थीं। तरला ने पाक कला से जुड़ी सौ से भी अधिक किताबें लिखी और वर्ष 2007 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।


मिखाइल कलाशनिकोव: दुनिया की आधुनिक रायफलों में शामिल एके-47 के डिजाइनर मिखाइल कलाशनिकोव का 23 दिसंबर को मास्को में 94 साल की उम्र में निधन हो गया। सामूहिक हत्या के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार का डिजाइन तैयार करने वाले कलाशनिकोव को पूर्ववर्ती सोवियत संघ में राष्ट्रीय नायक का दर्जा हासिल था।


फारूक शेख: ‘गर्म हवा’, ‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘चश्मे बद्दूर’, ‘नूरी’ और ‘किसी से ना कहना’ जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता फारूक शेख का 28 दिसंबर को दुबई में दिल का दौरा पडऩे से यहां निधन हो गया। उनकी आखिरी फिल्म ‘क्लब 60’ थी। इसी साल आई फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ में वह अभिनेता रणबीर कपूर के पिता के किरदार में दिखे थे।


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